
सूरत। सणिया गांव स्थित जवाहर स्कूल के पास रहने वाले एक फैब्रिकेशन व्यापारी को सूरत महानगरपालिका (मनपा) का टेंडर दिलाने का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि राजेंद्र चौधरी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर और डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) में हेराफेरी कर व्यापारी से बड़ी रकम ऐंठ ली। खटोदरा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खटोदरा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सणिया गांव स्थित जवाहर स्कूल के पास विजयविला में रहने वाले 45 वर्षीय चंद्रकांत रमेश निकुंभ फैब्रिकेशन वर्कशॉप का व्यवसाय करते हैं। मूल रूप से महाराष्ट्र के जलगांव जिले के अमलनेर तहसील स्थित डेकुसीम गांव के निवासी चंद्रकांत निकुंभ की पहचान खटोदरा क्षेत्र के महात्मावाड़ी स्थित बेला फैशन के पास कार्यालय रखने वाले राजेंद्र दिनकरभाई चौधरी से हुई थी।
आरोप है कि राजेंद्र चौधरी ने 3 दिसंबर 2024 से 28 जनवरी 2025 के बीच चंद्रकांत निकुंभ को सूरत महानगरपालिका का टेंडर दिलाने का भरोसा दिलाया। जबकि जांच में सामने आया कि ऐसा कोई टेंडर अस्तित्व में ही नहीं था। विश्वास जीतने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए डीडी (चेक) नंबर 536006 का फोटो भेजा। मूल डीडी की राशि 1,48,299 रुपये थी, लेकिन उसमें कथित तौर पर हेरफेर कर 1,48,29,900 रुपये दर्शाए गए।
इतना ही नहीं, आरोपी ने फर्जी दस्तावेजी साक्ष्य तैयार कर चंद्रकांत निकुंभ से कुल 1 करोड़ 84 लाख 12 हजार 166 रुपये हासिल कर लिए। धोखाधड़ी का पता चलने पर पीड़ित ने खटोदरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर राजेंद्र चौधरी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार, राजेंद्र दिनकरभाई चौधरी पहले भी कई लोगों को मनपा आवास योजना में फ्लैट और दुकान दिलाने का झांसा देकर ठगी कर चुका है। उन मामलों में भी उसके खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज हैं और बताया जा रहा है कि वह एक पुराने मामले में वांछित (वॉन्टेड) आरोपी भी है। पुलिस उसके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है।



