
सूरत। जीएसटी और आयकर रिटर्न की जांच व्यवस्था को और सख्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से जीएसटी के सभी रिटर्न, ई-वे बिल और आयकर रिटर्न में दर्ज आंकड़ों का व्यापक मिलान किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद विसंगति वाले मामलों में नोटिसों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है।
जीएसटी और आयकर विभाग के बीच सूचना साझा करने की व्यवस्था पहले से मौजूद है, लेकिन अब सॉफ्टवेयर अपग्रेड होने के बाद जांच का दायरा काफी बढ़ जाएगा। पहले जहां मुख्य रूप से वार्षिक रिटर्न के आधार पर मिलान किया जाता था, वहीं अब मासिक जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल और आयकर रिटर्न के प्रत्येक आंकड़े की क्रॉस-वेरिफिकेशन की जाएगी।
यदि किसी करदाता द्वारा प्रस्तुत विवरणों में अंतर पाया जाता है, तो एआई सिस्टम स्वतः उसे चिन्हित कर संबंधित रिटर्न की गहन जांच करेगा और आवश्यक होने पर नोटिस जारी की जाएगी।
AI करेगा हजारों रिटर्न की एक साथ जांच
अधिकारियों के लिए सीमित संसाधनों के कारण बड़ी संख्या में रिटर्न की जांच करना संभव नहीं था। अब एआई आधारित प्रणाली लाखों रिटर्न का विश्लेषण कर सकेगी और संदिग्ध मामलों की तुरंत पहचान करेगी। इसके आधार पर करदाताओं को स्पष्टीकरण देने के लिए नोटिस भेजी जाएगी।
रिटर्न भरते समय बरतनी होगी अतिरिक्त सावधानी
कर विशेषज्ञों के अनुसार, अब जीएसटी रिटर्न, ई-वे बिल और आयकर रिटर्न में दर्शाए गए आंकड़ों का पूरी तरह मेल खाना जरूरी होगा। किसी भी प्रकार की विसंगति करदाताओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में व्यापारियों को रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी आंकड़ों का सावधानीपूर्वक मिलान कर लेना चाहिए।




