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यार्न मार्केट में नई तकनीक से ठगी: नकली RTGS स्लिप भेजकर 3.45 लाख का माल उड़ाया

ट्रूकॉलर पर “मेघा जरीवाला” और “राहुल” नाम दिखाकर खेला गया पूरा खेल

सूरत।शातिर ठगों ने डिजिटल पेमेंट सिस्टम का दुरुपयोग कर यार्न व्यापारी को लाखों रुपये का चूना लगा दिया। मजूरा गेट स्थित सानिका पॉलिटेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के साथ फर्जी RTGS स्लिप के जरिए 3.45 लाख रुपये की ठगी की गई। आरोपियों ने नई तकनीक अपनाकर पहले विश्वास जीता और फिर माल लेकर फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, कुंभारिया गांव स्थित संगिनी स्क्वेयर अपार्टमेंट में रहने वाले बनवारीलाल शर्मा (उम्र 60 वर्ष, मूल निवासी राजस्थान) पिछले 27 वर्षों से मजूरा गेट स्थित आईटीसी बिल्डिंग में सानिका पॉलिटेक्स कंपनी में सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं।
महिला बनकर किया फोन, एडवांस RTGS का भरोसा दिया
गत 29 अक्टूबर 2025 को बनवारीलाल शर्मा ऑफिस में मौजूद थे, तभी उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। ट्रूकॉलर एप पर कॉल करने वाली का नाम “मेघा जरीवाला” दिखाई दे रहा था। कॉल करने वाले ठग ने महिला बनकर 3000 किलो 75 क्रीम यार्न का भाव पूछा।
बनवारीलाल ने साफ कहा कि कंपनी उधार में माल नहीं देती। इस पर ठग ने भरोसा दिलाते हुए कहा कि वह एडवांस में RTGS ट्रांसफर कर देगा और माल तैयार रखने को कहा। इसके बाद ठगों ने “श्री गुरुकृपा एंटरप्राइज, बमरोली” नाम की फर्म का GST नंबर और लेटरहेड व्हाट्सऐप पर भेजकर 3.45 लाख रुपये के दो बिल बनवा लिए।हालांकि दो दिन तक कंपनी के खाते में रकम जमा नहीं हुई, इसलिए माल रोके रखा गया।
व्हाट्सऐप पर भेजी गई बैंक ऑफ बड़ौदा की फर्जी RTGS स्लिप
31 अक्टूबर को फिर “मेघा” नाम से फोन आया कि उनका आदमी बैंक में ट्रांसफर करने गया है। इसके कुछ ही समय बाद दूसरे नंबर से कॉल आया, जिसमें ट्रूकॉलर पर “राहुल” नाम दिखाई दे रहा था। उसने भी RTGS हो जाने की पुष्टि की।
कुछ ही मिनटों में ठगों ने व्हाट्सऐप पर HDFC बैंक की 3.45 लाख रुपये की RTGS स्लिप भेज दी, जिसमें बैंक ऑफ बड़ौदा के जरिए भुगतान दिखाया गया था। स्लिप देखकर कंपनी को विश्वास हो गया और माल की डिलीवरी के लिए आयशर गाड़ी रवाना कर दी गई।
रास्ते में ही बदल दिया टेंपो, 2000 किलो यार्न लेकर फरार
माल बमरोली पहुंचने से पहले ही “मेघा” का फिर फोन आया कि उनके खाते पर माल खाली नहीं हो सकता, इसलिए वे दूसरा टेंपो भेज रहे हैं।
ठगों ने वडोद गांव मिल चौकड़ी के पास आयशर गाड़ी रुकवाई और करीब 2 लाख रुपये कीमत का 2000 किलो यार्न दूसरे टेंपो में ट्रांसफर करवा लिया। बाकी 1000 किलो यार्न सड़क किनारे उतरवाकर आरोपी फरार हो गए।
बाद में कंपनी ने बैंक खाते की जांच की तो पता चला कि कोई भुगतान आया ही नहीं था। आरोपियों को फोन करने पर उन्होंने पहले RTGS रिटर्न होने की बात कही और दोबारा ट्रांसफर करने का भरोसा दिया, लेकिन बाद में दोनों नंबर बंद कर दिए।
बमरोली की फर्म निकली फर्जी, सिर्फ बोर्ड लगाकर रचा गया जाल
ठगी का एहसास होने पर व्यापारी ने बमरोली स्थित “श्री गुरुकृपा एंटरप्राइज” के पते पर जांच करवाई। वहां केवल एक बोर्ड लगा मिला, जबकि ऐसी किसी कंपनी ने यार्न का ऑर्डर ही नहीं दिया था। आरोपियों ने सिर्फ बोर्ड का फोटो लेकर पूरा जाल बिछाया था।
इस मामले में बनवारीलाल शर्मा ने आखिरकार अठवालाइंस पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मोबाइल नंबर और टेंपो नंबर के आधार पर ठग गिरोह की तलाश शुरू कर दी है।

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