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जमीन के दस्तावेज के बहाने पैनकार्ड लेकर रचा करोड़ों का खेल

फर्जी हस्ताक्षर कर चार बैंकों में खाते खुलवाए, 5 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन से कपड़ा व्यापारी हैरान

सूरत।राजकोट की जमीन के दस्तावेज तैयार कराने के बहाने प्राप्त किए गए दस्तावेजों का दुरुपयोग कर कपड़ा व्यापारी के नाम से फर्जी बैंक खाते खोलने और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि व्यापारी के पैनकार्ड और आधारकार्ड में छेड़छाड़ कर अलग-अलग चार बैंकों में खाते खुलवाए गए और उनके जरिए करीब 5 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन किए गए।

जानकारी के अनुसार, कामरेज स्थित अवंतिका सोसायटी में रहने वाले दिनेशभाई प्रागजीभाई वसोया (53), किम मोटा बोरसरा में “वर्षा टेक्स” नाम से कपड़े का व्यवसाय करते हैं। उन्होंने वराछा पुलिस थाने में विपुलभाई मनसुखभाई भादाणी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।

जमीन ट्रांसफर के बहाने लिए थे दस्तावेज

व्यापारी दिनेशभाई वसोया और विपुल भादाणी पिछले करीब 20 वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। व्यावसायिक संबंधों के चलते दिनेशभाई ने विपुल से कुछ रकम उधार ली थी। रकम वापस नहीं कर पाने पर वर्ष 2022 में दिनेशभाई ने राजकोट स्थित अपनी एक एकड़ जमीन विपुल के नाम करने का निर्णय लिया था।

जमीन के दस्तावेजी कामकाज के लिए विपुल ने व्यापारी से आधारकार्ड, पैनकार्ड और बैंक डिटेल्स ले ली थीं। आरोप है कि इन्हीं सरकारी दस्तावेजों का दुरुपयोग कर विपुल भादाणी ने पैनकार्ड पर मौजूद हस्ताक्षर में बदलाव कर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए।

टैक्स ऑडिट के दौरान खुला करोड़ों के फर्जी खातों का राज

मामले का खुलासा वर्ष 2025 की दिवाली के दौरान हुआ, जब व्यापारी के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने टैक्स ऑडिट के लिए बैंक स्टेटमेंट मांगे। उसी दौरान सीए ने बताया कि दिनेशभाई वसोया के नाम से जन स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बंधन बैंक और आईडीएफसी बैंक में खाते संचालित हो रहे हैं।

यह सुनकर व्यापारी के होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने इन बैंकों में कभी खाता ही नहीं खुलवाया था। घबराए व्यापारी ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक की अडाजन शाखा में जाकर जानकारी मांगी, लेकिन बैंक अधिकारियों ने स्टेटमेंट देने में आनाकानी शुरू कर दी।
मामले की पोल खुलने के बाद आरोपी विपुल भादाणी ने व्यापारी को फोन किया और कथित रूप से पूरी बात स्वीकार कर ली। व्यापारी के अनुसार, विपुल ने फोन पर कहा कि उसे पैसों की जरूरत थी, इसलिए उसने पैनकार्ड की सिग्नेचर बदलकर और अपना मोबाइल नंबर लिंक कर व्यापारी के नाम से बैंक खाते खुलवाए।उसने यह भी कहा कि इन खातों में लगभग 5 करोड़ रुपये के ट्रांजैक्शन किए गए हैं और उसका टैक्स भी वह खुद भर देगा।

बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि करोड़ों रुपये के ये संदिग्ध ट्रांजैक्शन किन लोगों के साथ किए गए और कहीं इसके पीछे कोई बड़ा हवाला रैकेट तो सक्रिय नहीं है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी ने व्यापारी की गैरमौजूदगी में केवल पैनकार्ड और आधारकार्ड की फोटोकॉपी के आधार पर खाते खुलवाए थे। आरोप है कि बैंकों ने दस्तावेजों का उचित सत्यापन किए बिना खाते खोल दिए। ऐसे में इस पूरे कांड में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत होने की भी आशंका जताई जा रही है।
आखिरकार पीड़ित व्यापारी दिनेशभाई वसोया ने वराछा पुलिस थाने में विपुल मनसुखभाई भादाणी (उम्र 48 वर्ष, निवासी संतोकबा सोसायटी, रेलवे पुलिस लाइन के पीछे, वराछा, मूल निवासी पीपरिया, लाठी, अमरेली) के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और दस्तावेजों में हेराफेरी का मामला दर्ज कराया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और बैंकिंग लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।

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