
सूरत। भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वाले कई मजबूत दावेदारों को टिकट नहीं मिल पाने के बाद अब उन्हें मनपा की शिक्षण समिति में स्थान देने की कवायद तेज हो गई है। चुनाव पूर्व घोषित उम्मीदवारों को लेकर उत्पन्न नाराजगी को शांत करने के लिए शहर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों और सांसदों द्वारा कई दावेदारों को शिक्षण समिति सदस्य पद का आश्वासन दिया गया था।
चुनाव परिणाम घोषित होने के दूसरे ही दिन से शिक्षण समिति में स्थान पाने के लिए इच्छुक दावेदारों की सक्रियता बढ़ गई थी और राजनीतिक स्तर पर संपर्क साधने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। सूत्रों के अनुसार प्रदेश भाजपा के निरीक्षकों द्वारा मेयर सहित मनपा के प्रमुख पदाधिकारियों के चयन हेतु अभिप्राय लेने की प्रक्रिया के साथ ही शिक्षण समिति के संभावित सदस्यों के नामों पर भी चर्चा की गई है।
विशेष रूप से विधायकों और सांसदों के साथ हुई बैठकों में शिक्षण समिति गठन का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। प्राप्त जानकारी के अनुसार शिक्षण समिति सदस्य पद के लिए भी प्रभावशाली और मजबूत दावेदारों की एक सूची तैयार कर प्रदेश नेतृत्व को सौंपे जाने की तैयारी की गई है। माना जा रहा है कि संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने और टिकट से वंचित नेताओं को समायोजित करने के उद्देश्य से शिक्षण समिति की नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




