तमिलनाडु में पिता-पुत्र कस्टोडियल डेथ केस में 9 पुलिसकर्मियों को फांसी की सजा
लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिए गए पिता-पुत्र की पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत

मदुरई। तमिलनाडु के मदुरई की एक अदालत ने बहुचर्चित सथानकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2020 के लॉकडाउन के दौरान पिता-पुत्र की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया था।
यह घटना तमिलनाडु के थुथुकुडी जिले के सथानकुलम क्षेत्र में हुई थी। यहां मोबाइल दुकान संचालक पी. जयराज और उनके पुत्र जे. बेनिक्स को लॉकडाउन नियमों के उल्लंघन के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया था। आरोप था कि उन्होंने अपनी दुकान निर्धारित समय से अधिक देर तक खुली रखी थी।
गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, लेकिन उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती रही। बेनिक्स की 22 जून 2020 को और जयराज की 23 जून 2020 को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया और पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मद्रास हाईकोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई ने कई पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में कानून का उल्लंघन किया गया था और दोनों को पुलिस हिरासत में अमानवीय यातना दी गई, जिसके कारण उनकी मौत हुई। अदालत ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए सभी आरोपियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
इस फैसले को कस्टोडियल हिंसा के मामलों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो कानून व्यवस्था में जवाबदेही और मानवाधिकारों की सुरक्षा को लेकर सख्त संदेश देता है।



