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मिडिल ईस्ट तनाव को लेकर सूरत में उच्चस्तरीय बैठक

श्रमिकों के लिए 5 किलो गैस सिलेंडर की व्यवस्था — नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी

सूरत। मिडिल ईस्ट में चल रही तनावपूर्ण स्थिति और वैश्विक संकट को ध्यान में रखते हुए गुजरात के नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी की अध्यक्षता में सूरत के ICC सेंटर में दक्षिण गुजरात की विभिन्न इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सूरत, अंकलेश्वर, वापी, भरूच और दहेज सहित औद्योगिक क्षेत्रों में कामगारों, गैस सप्लाई और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस, पेट्रोल, डीजल सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता है और केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार सप्लाई जारी है। उन्होंने गुजरात गैस कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां पीएनजी लाइन उपलब्ध है वहां तेजी से नए कनेक्शन दिए जाएं, ताकि एलपीजी पर निर्भरता कम हो सके।
जिला आपूर्ति अधिकारी दर्शन शाह ने केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार घरेलू, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और उद्योगों को उपलब्ध कराए जा रहे एलपीजी गैस के जथ्थे की जानकारी प्रस्तुत की। बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने भी श्रमिकों और उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।


बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए नायब मुख्यमंत्री ने कहा कि अफवाहों के कारण श्रमिकों में भय न फैले, इसके लिए दक्षिण गुजरात के कई औद्योगिक क्षेत्रों में इंडस्ट्रियल किचन और भंडारों के माध्यम से भोजन की व्यवस्था की गई है। पांडेसरा, वापी, अंकलेश्वर और दहेज क्षेत्रों में उद्योगों द्वारा श्रमिकों के रहने और खाने की व्यवस्था भी की जा रही है।
उन्होंने बताया कि श्रमिकों को पांच किलोग्राम के गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों पर विश्वास न करने और बिना पुष्टि किसी भी संदेश को फॉरवर्ड न करने की अपील की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि लोगों को गुमराह करने वाली गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नायब मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रत्येक जिले में विशेष टीमें गठित की गई हैं। कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सूरत और आसपास के क्षेत्रों में 118 से अधिक कम्युनिटी किचन (इंडस्ट्रियल कैंटीन) शुरू किए गए हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात देश के लिए रोल मॉडल के रूप में काम कर रहा है और उद्योग, व्यापारी तथा सरकार मिलकर वर्तमान परिस्थितियों से निपटने के लिए समन्वय से कार्य कर रहे हैं।

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