
सूरत। एम्ब्रॉयडरी मशीनों से जुड़े जरी, धागा, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामग्री के होलसेल व रिटेल व्यापारियों के लिए तेजस ग्रुप ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। देखा गया है कि अधिकांश व्यापारी मशीन के स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामग्री पर स्पष्ट रूप से कीमत नहीं लिखते, जिससे खरीदारों को असमंजस का सामना करना पड़ता है।
तेजस ग्रुप के अध्यक्ष हितेश भिखड़िया ने बताया कि एम्ब्रॉयडरी मशीन से जुड़े कई व्यापारी अपने सामान और मशीनरी पार्ट्स पर स्पष्ट कीमत नहीं दर्शाते। इसके कारण बिलिंग के समय खरीदार और विक्रेता के बीच विवाद की स्थिति बन जाती है। साथ ही, जब कीमतों में वृद्धि होती है और उसे स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाया जाता, तो खरीदार पुराने भाव के अनुसार गणना करता है, जिससे दोनों पक्षों में तनाव पैदा होता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि व्यापारी कीमतों में बढ़ोतरी, माप (मीटर), वजन और डेनियर जैसी जानकारी स्पष्ट रूप से लिखें। टेक्सटाइल एम्ब्रॉयडरी जॉबवर्क एसोसिएशन ऑफ सूरत (तेजस) ने यह भी बताया कि पिछले एक वर्ष में धागा-जरी बनाने वाली कंपनियों द्वारा कई बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जो गलत पद्धति है।
सरकार द्वारा छोटे उद्योगों को राहत देने के लिए जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया, लेकिन अधिकांश कंपनियों ने इसका लाभ उपभोक्ताओं को नहीं दिया। उल्टा, कुछ समय के लिए कीमत कम करके फिर बढ़ा दी गई। इस कारण एम्ब्रॉयडरी यूनिट संचालकों को कोई लाभ नहीं मिला और अब 10 से 50 रुपये तक की नई बढ़ोतरी कर दी गई है।
इस स्थिति में एम्ब्रॉयडरी यूनिट्स के लिए टिके रहना मुश्किल होता जा रहा है, जिससे लाखों लोगों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है। तेजस ने सभी यूनिट संचालकों से अपील की है कि वे केवल उन्हीं कंपनियों का माल खरीदें, जिनके पैकेजिंग पर मीटर (भराई), वजन, डेनियर और कीमत स्पष्ट रूप से लिखी हो।



