
सूरत: शहर के एम्ब्रॉयडरी उद्योग पर इन दिनों महंगाई की मार साफ दिखाई दे रही है। एम्ब्रॉयडरी में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल (रॉ मटेरियल) के दामों में 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक की बढ़ोतरी होने से जोबवर्क करने वाले संचालकों की हालत कफोड़ी हो गई है। बताया जा रहा है कि काम लेने के बाद अचानक रॉ मटेरियल के दाम बढ़ा दिए गए, जिससे कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक ओर जहां कीमतों में वृद्धि की गई है, वहीं दूसरी ओर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का लाभ केवल सीमित समय तक ही मिला। इसके बाद फिर से कीमतें बढ़ा दी गईं, जिससे उद्योग से जुड़े लोगों पर दोहरी मार पड़ी है। शहर में एम्ब्रॉयडरी यूनिट्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन वर्तमान स्थिति में संचालक सबसे ज्यादा संकट में हैं। पहले जिन मटेरियल्स पर 12% जीएसटी लगता था, उसे घटाकर 5% किया गया, लेकिन इसके बावजूद बाद में कीमतें बढ़ाकर संतुलन कर लिया गया। एम्ब्रॉयडरी में उपयोग होने वाले दागे (धागे), जरी, टिक्की, मणके, मोती, स्टोन, कैनवास पेपर बैकिंग और गोंद जैसे सामानों के दामों में भी अचानक 10 से 50 रुपये तक की वृद्धि की गई है। साथ ही अलग-अलग दुकानों पर अलग-अलग दरों पर बिक्री होने से भी व्यापारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एम्ब्रॉयडरी जोबवर्क एसोसिएशन ने बताया- सामान खरीदते समय पूरी सावधानी बरतनी चाहिए और जिस वस्तु पर स्पष्ट मूल्य अंकित हो, उसी को खरीदना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी तरह कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, तो एम्ब्रॉयडरी उद्योग को बचाना मुश्किल हो जाएगा।




