सूरत एयरपोर्ट पर यात्रियों का होगा पारंपरिक स्वागत, अंतरराष्ट्रीय कार्गो सेवा की तैयारी तेज
बीते 12 वर्षों में 18.17 लाख यात्रियों ने सूरत से की हवाई यात्रा, टर्मिनल की क्षमता बढ़कर 1800 यात्री प्रति घंटा हुई

15 जून, आज ‘यात्री सुविधा दिवस’
सूरत। 15 जून को ‘यात्री सुविधा दिवस’ के अवसर पर सूरत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यात्रियों के लिए विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सूरत एयरपोर्ट के विकास और भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए एयरपोर्ट डायरेक्टर ए.एन. शर्मा ने बताया कि सूरत एयरपोर्ट अब केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जल्द ही अंतरराष्ट्रीय कार्गो क्षेत्र में भी नई पहचान बनाने जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल विकसित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। मुख्यालय से इसकी प्राथमिक मंजूरी मिल चुकी है और इसका नक्शा भी स्वीकृत हो गया है। अब नियमित मंजूरियों के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित कार्गो टर्मिनल मौजूदा डोमेस्टिक कार्गो टर्मिनल और समीप स्थित टेक्निकल बिल्डिंग के बीच एमआई ऑफिस क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। प्रारंभिक चरण में प्रीसियस और छोटे आकार के सामान को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि बाद में बड़े कार्गो संचालन की भी व्यवस्था की जाएगी।
यात्री सुविधा दिवस के तहत विद्यार्थियों और वृद्धाश्रम के वरिष्ठ नागरिकों को एयरपोर्ट भ्रमण कराया जाएगा। इसके अलावा सूरत पहुंचने वाले यात्रियों का भारतीय संस्कृति के अनुरूप पारंपरिक स्वागत किया जाएगा तथा उन्हें पौधे भेंट किए जाएंगे। गरबा सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
एयरपोर्ट डायरेक्टर ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सूरत एयरपोर्ट की यात्री संख्या 1.35 लाख से बढ़कर 18.17 लाख तक पहुंच गई है। वर्तमान में सूरत एयरपोर्ट देश के 15 शहरों से सीधी हवाई सेवाओं के माध्यम से जुड़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के जरिए वैश्विक मानचित्र पर अपनी पहचान बना चुका है।
एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रनवे की लंबाई 2250 मीटर से बढ़कर 2906 मीटर हो गई है, जबकि टर्मिनल की क्षमता 240 यात्री प्रति घंटा से बढ़कर 1800 यात्री प्रति घंटा तक पहुंच चुकी है।
नया इंटरनेशनल कार्गो टर्मिनल शुरू होने के बाद सूरत के हीरा, टेक्सटाइल और अन्य उद्योगों को वैश्विक बाजारों तक सीधी हवाई कार्गो कनेक्टिविटी मिलेगी। विशेष रूप से कट एवं पॉलिश्ड डायमंड, कीमती पत्थरों और ज्वेलरी के निर्यात में समय और लागत दोनों में कमी आने की उम्मीद है। वर्तमान में सूरत के हीरा एवं ज्वेलरी कारोबार को अन्य शहरों के एयर कार्गो हब पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन नई सुविधा शुरू होने के बाद सीधे शिपमेंट की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
इससे उद्योगों को लॉजिस्टिक्स में आसानी मिलेगी और सूरत वैश्विक हीरा व्यापार के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में और अधिक मजबूत होकर उभरेगा। सूरत एयरपोर्ट अब केवल यात्रा का केंद्र नहीं, बल्कि निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हब बनता जा रहा है।




