
सूरत: द सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा सरसाणा स्थित उषाकांत कंचनलाल मारफतिया हॉल में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया के साथ उद्योगपतियों की महत्वपूर्ण चर्चा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सूरत सहित दक्षिण गुजरात के उद्योगकारों ने वर्तमान औद्योगिक स्थिति और चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।
केंद्रीय मंत्री मांडविया ने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर भारत का महत्व तेजी से बढ़ा है और दुनिया को भारत के विशाल बाजार की आवश्यकता महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रही युद्ध जैसी परिस्थितियों के बीच कोई भी देश भारत के साथ संबंध खराब नहीं करना चाहता, क्योंकि भारत के पास मजबूत ब्रेन पावर और कुशल मानव संसाधन है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में आत्मनिर्भरता के साथ नई मल्टीनेशनल कंपनियां उभर रही हैं और भारत दुनिया का सबसे युवा देश होने के कारण हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने उद्योगपतियों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि देश की प्रगति बिना उद्योग और व्यापार के संभव नहीं है। संपत्ति का सृजन करने वालों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संतुलित विकास के प्रयासों से रोजगार के अवसर बढ़े हैं, जीडीपी में वृद्धि हुई है और लोगों की आय में भी सुधार आया है।
मांडविया ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद दरों में कमी के बावजूद सरकार की आय बढ़कर हर महीने करीब दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। देश में इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है, जिससे रोजाना 31 किलोमीटर हाईवे और 15 किलोमीटर रेलवे लाइन का निर्माण हो रहा है। पिछले एक दशक में करीब 100 नए एयरपोर्ट भी विकसित किए गए हैं।
बैठक के दौरान उद्योगपतियों ने भी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। रिन्यूएबल एनर्जी नीति, मेटालिक जरी पर जीएसटी रिफंड, श्रमिकों के लिए आवास, अस्पताल और शिक्षा सुविधाएं, लेबर वेलफेयर नीति तथा सूरत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग प्रमुख रही। इसके अलावा मल्टीगेम स्टेडियम और रो-रो फेरी सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
केंद्रीय मंत्री ने इन मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए कहा कि सरकार स्किल डेवलपमेंट, श्रमिक सुविधाओं और औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने संबंधित मंत्रालयों के साथ समन्वय कर समाधान का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी, उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला सहित कई पदाधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



