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न्यूज क्रिएटर्स पर भी सरकार की नजर, सोशल मीडिया पर खबरें पोस्ट करने वालों के लिए नए नियम प्रस्तावित

यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स अब सूचना एवं प्रसारण तथा आईटी नियमों के दायरे में आएंगे

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़ा कंटेंट बनाने वाले यूट्यूबर्स, इन्फ्लुएंसर्स और अन्य डिजिटल न्यूज क्रिएटर्स अब सरकार की निगरानी के दायरे में आ सकते हैं। केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखते हुए ऐसे सभी न्यूज कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोफेशनल न्यूज पब्लिशर्स की तरह नियमों के दायरे में लाने की तैयारी शुरू कर दी है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा सोमवार को सूचना प्रौद्योगिकी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस एवं डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) द्वितीय संशोधन नियम 2026 का ड्राफ्ट जारी किया गया है। इस मसौदे पर संबंधित पक्षकारों से 14 अप्रैल तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई हैं। प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने वाली समाचार और करंट अफेयर्स से जुड़ी सामग्री को नियमों के पार्ट-III के दायरे में लाना है।
सरकार के प्रस्ताव के अनुसार यूट्यूब, इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स रखने वाले इन्फ्लुएंसर्स, कंटेंट क्रिएटर्स और डिजिटल न्यूज पोस्ट करने वाले सभी व्यक्ति इन नियमों के तहत आएंगे। इससे पहले यह नियम मुख्य रूप से डिजिटल न्यूज प्लेटफॉर्म और प्रोफेशनल मीडिया संस्थानों पर लागू होते थे।
कंटेंट पोस्ट करने वालों को नहीं मिलेगी छूट
नए प्रस्तावित नियमों के तहत कोई भी व्यक्ति यदि न्यूज या करंट अफेयर्स से संबंधित कंटेंट पोस्ट करता है तो उसे इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। इसके तहत सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (I&B) को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए कंटेंट को ब्लॉक करने, संशोधित करने या हटाने के निर्देश देने का अधिकार भी मिलेगा।
इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होने वाला कंटेंट निर्धारित नियमों और गाइडलाइंस के अनुरूप हो। इन नियमों का दायरा वैश्विक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लागू होगा।
सरकार का मानना है कि इस कदम से सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अप्रमाणित जानकारी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी, साथ ही डिजिटल न्यूज कंटेंट में जवाबदेही और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

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