तेरापंथ भवन उधना में कॉन्फ्रेंस हॉल उद्घाटन एवं “तेरापंथ–मेरा पंथ” कार्यशाला आयोजित
उपासक श्रेणी के राष्ट्रीय संयोजक सूर्यप्रकाश श्यामसुखा द्वारा कांफ्रेंस हॉल का उद्घाटन तथा मुम्बई से समागत कुंमुद कच्छारा ने किया तेरापंथ-मेरापंथ कार्यशाला का संचालन

उधना (सूरत)।श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, उधना द्वारा तेरापंथ भवन, उधना में नवनिर्मित कॉन्फ्रेंस हॉल का उद्घाटन समारोह एवं “तेरापंथ–मेरा पंथ” विषय पर कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन लुधियाना से समागत तेरापंथ उपासक श्रेणी के राष्ट्रीय संयोजक सूर्यप्रकाश शामसुखा ने रीबन काटकर तथा नमस्कार महामंत्र के मंगल उच्चारण के साथ किया।
जैन संस्कारक अर्जुन मेडतवाल, मिश्रीमल नंगावत,जसवंत डांगी एवं कमलेश डांगी ने शास्त्रोक्त जैन विधि द्वारा विधिवत उद्घाटन एवं प्रवेश संस्कार सम्पन्न कराया।

उद्घाटन अवसर पर सूर्यप्रकाश शामसुखा ने कहा कि पश्चिमांचल क्षेत्र में उधना का विशेष स्थान है। तेरापंथ भवन का “आचार्य महाश्रमण कॉन्फ्रेंस हॉल” समाज की गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में सहायक होगा तथा समाज के आध्यात्मिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने “तेरापंथ–मेरा पंथ” कार्यशाला को तेरापंथ दर्शन को समझने की दिशा में उपयोगी पहल बताया।
मुंबई से समागत अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की पूर्व अध्यक्षा एवं “बेटी तेरापंथ की” प्रोजेक्ट की राष्ट्रीय संयोजिका कुमुद कच्छारा ने कार्यशाला का संचालन किया। प्रथम सत्र में उन्होंने साध्य-साधन मीमांसा, दान-दया का विश्लेषण, मूर्तिपूजा-भावपूजा सहित तेरापंथ दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र में उपस्थितजनों की जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।
तेरापंथी सभा उधना के अध्यक्ष निर्मल चपलोत ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मीलाल बाफना, पारस संचेती,जयसिंह रांका, बसंतीलाल नाहर,पारस बाफना,भवन प्रभारी नितिन बाफना,महिला मंडल अध्यक्षा महिमा चोरडिया,अणुव्रत समिति अध्यक्ष रतन भलावत, तेयुप उधना अध्यक्ष कमलेश बाफना एवं जैन संस्कारक अर्जुन मेडतवाल सहित अनेक गणमान्यजनों ने अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान कॉन्फ्रेंस हॉल निर्माण में आर्थिक सहयोग देने वाले परिवारों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन सभा मंत्री मुकेश बाबेल ने किया।



