
सूरत। सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर मंडरा रहे आर्थिक संकट और प्रतिकूल वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए शहर-जिले के वीविंग सेक्टर ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। बुनकरों के सबसे बड़े संगठन फेडरेशन ऑफ गुजरात वीवर्स वेलफेयर एसोसिएशन (फोगवा) सहित 12 से अधिक वीवर संगठनों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि अब सूरत की सभी वीविंग इकाइयाँ 24 घंटे के बजाय केवल 12 घंटे यानी एक शिफ्ट में ही संचालित की जाएंगी, जिससे उत्पादन में लगभग 50 प्रतिशत की कटौती होगी।
सोमवार को आयोजित विभिन्न वीवर एसोसिएशनों की सार्वजनिक बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। फोगवा के अध्यक्ष एवं दक्षिण गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष अशोक जिरावाला ने बताया कि इस फैसले से पहले फोगवा ने गूगल फॉर्म के माध्यम से शहर-जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों के हजारों बुनकरों से उनकी राय ली थी। प्राप्त सुझावों और उद्योग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के बाद आयोजित बैठक में सभी घटक संगठनों ने एकमत से इस निर्णय को मंजूरी दी।
इस फैसले के तहत सभी बुनकरों को अपनी फैक्टरी अब केवल एक शिफ्ट में चलाने का निर्देश दिया गया है। एसोसिएशन का कहना है कि उत्पादन में 50 प्रतिशत की स्वैच्छिक कटौती का मुख्य उद्देश्य वर्तमान मंदी के दौर में उद्योग के अस्तित्व को बचाना और अनुभवी कारीगरों के पलायन को रोकना है। लगातार घटती मांग और बाजार में तैयार माल के बढ़ते दबाव के कारण उद्योग पर संकट गहराता जा रहा है, ऐसे में उत्पादन कम करने से बाजार में संतुलन बनेगा और भविष्य में कपड़ों की मांग तथा कीमतों में सुधार की संभावना बढ़ेगी।
फोगवा ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया गया है और जब हालात सामान्य होंगे तथा बाजार में मांग बढ़ेगी, तब दोबारा पूर्ण उत्पादन शुरू करने के लिए एसोसिएशन द्वारा आधिकारिक सूचना जारी की जाएगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय में सूरत के लगभग सभी प्रमुख वीविंग क्लस्टर्स और संगठनों ने एकजुटता दिखाई है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि यह कदम टेक्सटाइल उद्योग को मौजूदा संकट से उबारने में मददगार साबित होगा।



