मुगलीसरा भवन का नाम बदलकर “तापी भवन” किया गया, मनपा सदन में प्रस्ताव को मंजूरी
मुगलीसराय का नाम बदला, तापी भवन मिला नया नाम स्लम समिति के चैयरमैन विजय चौमाल ने 2018 में नाम बदलने की थी मांग, मनपा की अंतिम सभा मे तापी भवन पर लगी मुहर
सूरत। सूरत महानगरपालिका के मुख्य प्रशासनिक भवन मुगलीसरा का नाम अब बदलकर “तापी भवन” कर दिया गया है। महानगरपालिका की अंतिम सदन बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।
स्लम समिति के चेयरमैन विजय चौमाल ने बताया कि देश को स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष के बाद आजादी मिली है, लेकिन कई स्थानों पर अब भी गुलामी के प्रतीक नाम प्रचलन में हैं। इसी सोच के तहत उन्होंने 12 जुलाई 2018 को मनपा सदन में मुगलीसरा भवन का नाम बदलने का प्रस्ताव रखा था। उस समय उन्होंने सूर्यपुर भवन या तापी भवन नाम रखने की मांग की थी।

वर्तमान कार्यकाल की अंतिम बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए मुगलीसरा भवन का नाम आधिकारिक रूप से तापी भवन रखने का निर्णय लिया गया। चौमाल ने इस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल सहित सभी मंत्रियों, विधायकों, मेयर, डिप्टी मेयर, स्टैंडिंग कमेटी चेयरमैन और शासक पक्ष के नेताओं का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि शहर में जहां भी गुलामी के प्रतीक नाम हैं, उन्हें बदलकर शहर की गरिमा के अनुरूप नाम दिए जाने चाहिए।
चौमाल ने यह भी बताया कि कपड़ा मार्केट क्षेत्र में स्थित मोटी बेगमवाड़ी को स्थानीय व्यापारी लंबे समय से रामवाड़ी के नाम से पुकारते हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि इस नाम को भी आधिकारिक रूप से रामवाड़ी घोषित किया जाए, ताकि जनभावनाओं का सम्मान हो सके और शहर को गुलामी के प्रतीक नामों से मुक्ति मिल सके।



