54 दिनों तक चला जप-अभ्यर्थना 2.0 का अखंड जाप, 6700 घंटे से अधिक जप में जुड़े 300 से अधिक परिषदों के युवा-किशोर

सूरत।तेरापंथ समाज के युवाओं और किशोरों द्वारा आयोजित जप-अभ्यर्थना 2.0 के अंतर्गत 54 दिनों तक अखंड जाप का क्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सर्वांगीण विकास को लक्ष्य बनाकर कार्य करने वाली अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद ने नेपाल सहित पूरे देश में फैली अपनी शाखा परिषदों के माध्यम से 15 दिसंबर 2025 से 6 फरवरी 2026 तक इस महाअभियान का आयोजन किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत ने बताया कि तेरापंथ के आद्य प्रवर्तक महामना आचार्य श्री भिक्षु के जन्म त्रिशताब्दी वर्ष तथा तेरापंथ के विकास पुरुष गणाधिपति आचार्य श्री तुलसी के दीक्षा शताब्दी वर्ष के पावन अवसर पर युवाओं और किशोरों द्वारा यह जप-अभ्यर्थना की गई। यह आयोजन तेरापंथ धर्म संघ के संस्थापक आचार्य श्री भिक्षु की जन्मस्थली कंटालिया (राजस्थान) से नवमे आचार्य गणाधिपति श्री तुलसी की जन्मस्थली लाडनूं (राजस्थान) तक वर्तमान आचार्य श्री महाश्रमण जी की विहार यात्रा के दौरान संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ तेरापंथ धर्म संघ के एकादशम आचार्य युगप्रधान श्री महाश्रमण जी ने अपने मुखारविंद से “ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ भिक्षु ॐ, जय तुलसी जय तुलसी जय तुलसी जय” मंत्र जप के साथ किया, जिसमें हजारों युवा और किशोर सहभागी बने।
राष्ट्रीय महामंत्री सौरभ पटावरी ने बताया कि अभ्यर्थना 2.0 के अंतर्गत 54 दिनों तक अखंड जाप का क्रम निरंतर चलता रहा, जिसमें देश-विदेश की परिषदों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। तपोयज्ञ आयाम के राष्ट्रीय प्रभारी देव चावत के अनुसार इस अभियान में 300 से अधिक परिषदें जुड़ीं और 6700 घंटे से अधिक समय तक अनवरत जाप हुआ, जिसमें तेरापंथी युवक और किशोरों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
आयाम के राष्ट्रीय सह प्रभारी विनोद मुथा ने बताया कि इस आयोजन में तपोयज्ञ टीम, अभातेयुप के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ देशभर की युवा शक्ति और श्रावक समाज का भी सराहनीय सहयोग मिला। यह जप-अभ्यर्थना युवाओं में आध्यात्मिक चेतना और अनुशासन का संदेश देने वाला प्रेरणादायी आयोजन साबित हुआ।




