जब तक हम दूसरों को पीड़ा पहुंचाते रहेंगे, तब तक स्वयं पीड़ा से मुक्त नहीं हो सकते – डॉ. श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी

सूरत। आस्तिक-धार्मिक नगरी सूरत के वेसू क्षेत्र में वीआईपी रोड स्थित श्री कामधेनु मंडपम में श्री जड़खोर गोधाम गौशाला द्वारा गोवंश संरक्षण एवं सेवा के पावन उद्देश्य से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ रही है। क्रोमा के सामने एवं नेक्सा शोरूम के समीप आयोजित इस ज्ञानयज्ञ में धर्मप्रेमी श्रद्धालु श्रद्धा भाव से कथा श्रवण कर रहे हैं।
कथा के मनोरथी श्रीमती गीतादेवी गजानंद कंसल एवं कंसल परिवार हैं। इस अवसर पर मनोरथी परिवार की ओर से राकेश कंसल एवं प्रमोद कंसल (सपत्नी) द्वारा व्यासपीठ का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। व्यासपीठ से परम गौ उपासक, करुणामय, वेदज्ञ एवं निर्मल हृदय डॉ. श्री राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज (श्री रैवासा-वृंदावन धाम) ने भगवान श्रीकृष्ण एवं गोपियों की रसमयी लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया।

महाराजजी ने प्रवचन में कहा कि जब तक हम दूसरों को पीड़ा पहुंचाते रहेंगे, तब तक स्वयं पीड़ा से मुक्त नहीं हो सकते। हमें सदैव दूसरों को सुख देने की भावना रखनी चाहिए। यदि परिवार और समाज में सभी एक-दूसरे के सुख का ध्यान रखें, तो वैर और विरोध का कोई स्थान नहीं रहेगा। उन्होंने निष्काम भाव से सद्कर्म करने, किसी भी प्राणी को कष्ट न देने तथा सर्वजन सुखाय की भावना अपनाने पर विशेष बल दिया।
चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महाराजजी ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक का काल चातुर्मास कहलाता है। इस काल में संतजन एक स्थान पर रहकर सत्संग के माध्यम से सनातन धर्म की परंपराओं को सुदृढ़ करते थे। वर्तमान शासन व्यवस्था का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार कर्मठ और समर्पित नेतृत्व मिलता रहा, तो वर्ष 2047 से पूर्व भारत विश्व में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा।
प्रमोद कंसल ने जानकारी दी कि बुधवार को षटतिला एकादशी एवं मकर संक्रांति के अवसर पर कथा सायं 4.30 बजे से प्रारंभ होगी तथा प्रातः 8 बजे से दिनभर तुलादान का आयोजन रहेगा।
मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि ने बताया कि कथा के दूसरे दिन जय प्रकाश अग्रवाल, दीपक तायल, आलोक तायल, रतन धारुका, राजेंद्र खेतान, सुभाष अग्रवाल (सुभाष साड़ी), राजकिशोर शर्मा, सुनील टाटनवाला, सुभाष अग्रवाल, नरेंद्र भोजक, सुनील गुप्ता, विजय अग्रवाल, अरुण अग्रवाल (संगम साड़ी), नारायण अग्रवाल (प्रफुल्ल साड़ी), किशोर सिंह राजपुरोहित, जगदीश परिहार, विजय चौमाल (पार्षद), तुलसी राजपुरोहित, गणपत उपाध्याय (कोलासर), विपिन जालान, पवन शर्मा (पार्षद लक्ष्मणगढ़) सहित अनेक समाजसेवियों, व्यापारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने महाराजश्री का अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।



