
पेमेंट की मांग करने पर दी जान से मारने की धमकी
सूरत शहर में कपड़ा व्यापार से जुड़े एक गंभीर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पर्वत पाटिया क्षेत्र में रहने वाले कपड़ा व्यापारी रूपेश रामस्वरूप राठी (उम्र 39 वर्ष) ने मुंबई निवासी कपड़ा व्यापारी तारीक तैयबखान तथा सूरत निवासी ध्रुव अग्रवाल के विरुद्ध 72 लाख रुपये की ठगी, विश्वासघात, चेक बाउंस और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई है।
वराछा पुलिस सूत्रों के अनुसार मूल बासनी जोधपुर( राज.) निवासी औऱ हाल मकान नंबर 54, सम्राट टाउनशिप,न्यू ईयर सम्राट हाईस्कूल के पास, पर्वत पाटिया, सूरत में रहने वाले रूपेश राठी पिछले तीन वर्षों से न्यू बॉम्बे मार्केट के सामने स्थित ग्लोबल मार्केट, दुकान नंबर G-2701-22B में “गारमेंट्स फैब्रिक्स” नाम से कपड़ों का होलसेल व्यापार कर रहे हैं।उनके व्यापार के दौरान रूपेश की पंकज अग्रवाल एवं रीकल पंकज अग्रवाल (श्री श्याम टेक्सटाइल्स) से पहचान हुई थी, जिनके माध्यम से उनके पुत्र ध्रुव अग्रवाल से संपर्क बना। अप्रैल 2025 में ध्रुव अग्रवाल ने फरियादी की पहचान मुंबई के कपड़ा व्यापारी तारीक तैयबखान से करवाई और बताया कि वे वर्ष 2019 से उनके साथ व्यापार कर रहे हैं तथा समय पर भुगतान करते हैं।
इस विश्वास के आधार पर फरियादी ने 12 अप्रैल 2025 से 26 जुलाई 2025 के बीच अलग-अलग बिलो से कुल 95.95 लाख रुपये का कपड़ा आरोपी तारीक तैयबखान को सप्लाई किया। प्रारंभ में भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपी ने 23.23 लाख रुपये का भुगतान बैंक के माध्यम से किया, लेकिन इसके बाद शेष रकम देना बंद कर दिया। जब उन्होंने अपने बकाया पैसों की मांग की, तो आरोपी ने व्यापार में मंदी का बहाना बनाना शुरू कर दिया। बाद में भुगतान के नाम पर आरोपी ने चार चेक दिए, जिनमें 5-5 लाख रुपये के दो चेक और 2.5-2.5 लाख रुपये के दो चेक शामिल थे, लेकिन ये सभी चेक बैंक से रिटर्न हो गए।
इसके बावजूद बकाया राशि 72 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। फरियादी के अनुसार, आरोपी तारीक तैयबखान फोन पर बार-बार गाली-गलौज करता है और जान से मारने की धमकी देता है। फरियादी का कहना है कि तारीक तैयबखान और ध्रुव अग्रवाल ने व्यापारी व दलाल के रूप में विश्वास दिलाकर कपड़े का माल हासिल किया और भुगतान न कर विश्वासघात किया।
फरियादी ने पुलिस को बताया है कि उनके पास कपड़े की बिक्री से संबंधित पक्के जीएसटी बिल, ई-वे बिल तथा बैंक लेन-देन से जुड़े सभी दस्तावेज उपलब्ध हैं, जिन्हें जांच के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है।मामले की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर वी.ए.चौधरी कर रहे है




