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भारत की पहचान हमारे संस्कारों से है : बालसंत भोलेबाबाजी

भागवत कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सूरत। गोडादरा क्षेत्र में श्री कृष्णा ड्रीम्स एवं स्टलर के पास एसएमसी गार्डन के निकट गौ-सेवार्थ आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उमड़ रही है। कथा वाचक बालसंत भोलेबाबाजी ने कहा कि भक्ति का मार्ग सरल प्रतीत होता है, पर इस पर वही टिक पाता है जिसमें सच्ची श्रद्धा और धैर्य हो। जीवन का लक्ष्य परमात्मा को पाना होना चाहिए, क्योंकि समय अमूल्य है और वह दोबारा नहीं मिलता।
उन्होंने सात्विक आहार, रसोई की पवित्रता और संस्कारों को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि भारत की पहचान हमारे संस्कारों से है, इसी कारण वह विश्वगुरु कहलाता है। फैशन पर बोलते हुए उन्होंने मर्यादा व सभ्यता बनाए रखने का संदेश दिया। गुरु की महिमा बताते हुए कहा कि जो भगवान से जोड़ दे, वही सच्चा गुरु है।
गुजरात प्रदेश महामंत्री सज्जन महर्षि ने बताया कि प्रभात फेरी कथा पंडाल से विभिन्न सोसायटियों में निकाली गई।
मुख्य कथा के मनोरथी घनश्याम सेवग (शिवशक्ति परिवार) रहे। कथा संयोजक विप्र फाउंडेशन गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तोलाराम सारस्वत रहे।
कार्यक्रम में अखिलेश शर्मा, तुलसीभाई राजपुरोहित, पवन सेवदा, दामोदर गौड़, जुगल पालीवाल, मनोज दायमा, द्वारकाप्रसाद सारस्वत, सुदर्शन शर्मा, राम अवतार पारीक, रोहित मेवाड़ा, भगवान प्रजापति, रामचंद्र प्रजापति, योगेन्द्र शर्मा, दिनेश ओझा सहित जोन-15 सूरत के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में गौ-भक्त उपस्थित रहे।

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