
सूरत।सूरत शहर और आसपास के बाजारों में नकली भारतीय चलन नोट खपाने वाले गिरोह का लिंबायत पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। जनरक्षक-112 पर मिली सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 500 रुपये के नोटों में कुल 3.84 लाख रुपये की नकली मुद्रा जब्त की है। इस कार्रवाई से देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है।
लिंबायत पुलिस इंस्पेक्टर एन.के. कामलिया तथा सेकेंड पुलिस इंस्पेक्टर सी.एस. धोकड़िया के मार्गदर्शन में पुलिस स्टेशन के सर्विलांस स्टाफ ने नकली नोटों को असली के रूप में चलाने वालों को पकड़ने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इसी दौरान जनरक्षक-112 पर कॉलर अनिल बंसीलाल चौधरी ने सूचना दी कि साहिलनगर, भेस्तान क्षेत्र में एक व्यक्ति नकली नोटों का उपयोग कर रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मुख्य आरोपी सफीकुल इस्लाम नैसुद्दीन शेख (उम्र 32 वर्ष, पेशा मजदूरी), निवासी प्लॉट नंबर-38, साहिलनगर, भेस्तान, सूरत, मूल निवासी घासीपुर, थाना दौलताबाद, जिला मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल को हिरासत में लिया।
पुलिस ने जब उसकी तलाशी ली तो उसके पास से 500 रुपये के अलग-अलग सीरियल नंबर वाले 5 नोट बरामद हुए, जिनकी अंकित कीमत 2,500 रुपये थी। जांच के दौरान नोटों के कागज, सिक्योरिटी थ्रेड, वाटरमार्क और प्रिंटिंग में खामियां पाई गईं, साथ ही एक ही सीरियल नंबर की एक से अधिक नोटें होने से प्रथम दृष्टया सभी नोट नकली पाए गए। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर क्षेत्र से 500 रुपये के नोटों में करीब 5 लाख रुपये की नकली मुद्रा लेकर सूरत आया था। वह अपने साथियों के साथ मिलकर रोजाना थोड़ी-थोड़ी राशि बाजार में चलाकर बदले में असली रुपये हासिल करता था।
आरोपी की जानकारी के आधार पर पुलिस ने साहिलनगर, भेस्तान स्थित उसके कमरे पर छापा मारा, जहां उसके दो साथी मौजूद थे। पुलिस ने मोहम्मद राकीब नाजिमुद्दीन शेख (उम्र 32 वर्ष, पेशा मजदूरी), निवासी प्लॉट नंबर-38, दूसरा माले, साहिलनगर, भेस्तान, सूरत, मूल निवासी हासिपुर, दौलताबाद, जिला मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल तथा ताजमहल उर्फ मिलन जयमत मंडल (उम्र 42 वर्ष, पेशा मजदूरी), निवासी वही पता, मूल निवासी हासिपुर, दौलताबाद, जिला मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया। दोनों की तलाशी के दौरान 500 रुपये के 763 नकली नोट बरामद किए गए, जिनकी अंकित कीमत 3,81,500 रुपये है।
इस तरह तीनों आरोपियों से कुल 769 नकली नोट, जिनकी कुल कीमत 3,84,500 रुपये है, पुलिस ने जब्त कर लिए। लिंबायत पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। नकली करेंसी के जरिए बाजार और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने की इस साजिश का पर्दाफोड़ करने में लिंबायत पुलिस के सर्विलांस स्टाफ की भूमिका को वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहनीय बताया है।




