businessलोकल न्यूज़सूरत सिटी

गोडादरा राज टेक्सटाइल मार्केट में भीषण आग, 20 से अधिक दुकानें जलकर खाक

सूरत। गोडादरा क्षेत्र में स्थित सात मंजिला राज टेक्सटाइल मार्केट में आज सुबह अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिससे पूरे परिसर में अफरातफरी मच गई। सुबह करीब 7 बजे लगी आग कुछ ही मिनटों में तेजी से फैलती हुई विकराल बनी और ग्राउंड फ्लोर से सीधे सातवीं मंजिल तक पहुंच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत लिफ्ट के इलेक्ट्रिकल वायरिंग में हुए शॉर्ट-सर्किट से हुई, जिसने देखते ही देखते मार्केट की 20 से अधिक दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। कपड़ों का विशाल स्टॉक होने के कारण आग तेजी से फैलती गई और नुकसान का अनुमान करोड़ों रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए फायर ब्रिगेड ने तुरंत ब्रिगेड कॉल घोषित किया और शहर के 9 फायर स्टेशनों से 15 से अधिक फायर फाइटिंग गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। फायर कर्मियों ने चार घंटे से अधिक समय की लगातार मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जबकि सिंथेटिक कपड़ों के भारी जखीरे के चलते घने और विषैले धुएं से मुकाबला करने के लिए उन्हें ऑक्सीजन मास्क पहनकर कार्य करना पड़ा। बिजली सप्लाई बंद करने के बाद ही अंदर प्रवेश कर आग बुझाने की प्रक्रिया संभव हो सकी।

फिलहाल आग पर नियंत्रण पा लिया गया है, हालांकि मार्केट में मौजूद कपड़ों के कारण कूलिंग का काम अभी भी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि आग से हुआ आर्थिक नुकसान बेहद बड़ा है और आंकड़ा करोड़ों में जा सकता है।कपड़ा मार्केट होने के कारण आग पर काबू पाने में ज्यादा वक्त लग गई। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग के दो कर्मचारियों को हल्की चोट लगी है जिसके कारण उन्हें स्मीमेर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है। आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग टॉप फ्लोर पर लगी और तेजी से ऊपरी हिस्से में फैल गई। आग कैसे लगी, इसकी जांच जारी है।

राज टेक्सटाइल मार्केट में आग भयावह बनने के पीछे ग़ैरकानूनी निर्माण जिम्मेदार
व्यापारियों की लापरवाही के कारण फायर कर्मियों को आग पर काबू पाने में लगे कई घंटे

सूरत। पांडेसरा क्षेत्र के पर्वत में स्थित राज टेक्सटाइल मार्केट में लगी भीषण आग को काबू में करने में फायर विभाग को भारी मशक्कत करनी पड़ी। लगभग 20 घंटे की निरंतर कार्रवाई के बाद देर रात आग पूरी तरह बुझाई गई। फायर अधिकारी सुनील चौधरी और उनकी टीम अभी भी मौके पर स्टैंडबाय पर तैनात है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आग भयावह बनने के पीछे व्यापारियों की लापरवाही और मार्केट में हुए ग़ैरकानूनी निर्माण मुख्य कारण रहे। फिलहाल मार्केट में किसी भी व्यापारी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है और जांच एजेंसियां पूरी इमारत की जांच कर रही हैं।

अंडरग्राउंड फ्लोर से शॉर्ट सर्किट, आग सातवें मंजिल तक फैली

बुधवार सुबह लगभग सवा सात बजे अंडरग्राउंड फ्लोर में शॉर्ट सर्किट से आग भड़क उठी। वायरिंग में हुए इस शॉर्ट सर्किट के कारण आग धीरे-धीरे पूरी इमारत में फैलती गई और सातवीं मंज़िल तक पहुंच गई। सूचना मिलते ही फायर विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं और पानी की लगातार बौछारें शुरू कीं। इस दौरान चार फायर कर्मी झुलस गए, जिन्हें इलाज दिया गया। अंततः देर रात करीब डेढ़ बजे आग पर नियंत्रण पाया गया और कूलिंग का काम पूरा हुआ।हालांकि, एहतियात के तौर पर मानदरवाजा और डुंभाव की दो फायर गाड़ियां अभी भी मौके पर तैनात हैं। फायर टीम विशेष रूप से छठी और सातवीं मंज़िल पर नजर रख रही है, जहां आग ने सबसे ज्यादा नुकसान किया।

गलत वायरिंग और अवैध निर्माण बने बड़े कारण

फायर विभाग के सूत्रों के अनुसार अंडरग्राउंड पार्किंग में मुख्य वायरिंग की गई थी, जिसमें कनेक्शन ढीला होने से शॉर्ट सर्किट हुआ। जिन दुकानों में यह वायरिंग जुड़ी थी, वहां आग तेजी से फैल गई।इसके अलावा मार्केट में कई ग़ैरकानूनी ‘मालिया’ (अतिरिक्त फ्लोर) बनाए गए थे, जहां बड़े पैमाने पर ओवरलोड कपड़े और साड़ियों का स्टॉक रखा गया था। इस अतिरिक्त भार और ज्वलनशील सामग्री ने आग को और अधिक भयावह बना दिया।

मार्केट के रास्ते बंद, धुआं बाहर नहीं निकल पाया

फायर अधिकारियों के अनुसार आग पर काबू पाने में इतना समय इसलिए लगा क्योंकि—

मार्केट के पथ (पैसेज) में ग़ैरकानूनी तरीके से कपड़े के बड़े–बड़े ढेर लगाए गए थे।

इससे फायर कर्मियों को अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो गया।

दुकानों की खिड़कियां पूरी तरह पैक कर दी गई थीं—बर्ड नेट, ग्रिल और कपड़े के ढेर के कारण हवा का कोई मार्ग नहीं था।

धुआं बाहर नहीं निकल पाने से अंदर दृश्यता शून्य हो गई और फायर कर्मियों को हर 30–35 मिनट में बाहर आना पड़ रहा था।

फायर जेट से किया जा रहा पानी भी दुकान के अंदर तक पहुंच ही नहीं पा रहा था, जिससे आग और ज्यादा फैलती गई।

दुकान में दुकान, खिड़कियां बंद—लापरवाही की हद

जांच में यह भी सामने आया कि कई दुकानदारों ने दुकानों के भीतर ही एक और ‘दुकान’ जैसा अवैध निर्माण कर रखा था। खिड़कियों पर लोहे की ग्रिल और उस पर पैकिंग होने से वेंटिलेशन बिल्कुल बंद था। इन्हीं कारणों ने आग को विकराल रूप दिया और राहत कार्य मुश्किल बना दिया।

सूरत कपड़ा बाजार में सिंथेटिक कपड़े का काम होता है जो एक प्रकार से पेट्रोलियम प्रोडक्ट है। इसमे आग अगर एक बार पकड़ ले तो बुझाना मुश्किल होता है। राज टेक्सटाईल मार्केट के ऊपरी मंजिल में आग लगी है जिसमे प्रथमदृष्टया 10 से 15 करोड़ का नुकसान दिख रहा है लेकिन यह कितना बढ़ेगा इसका अंदाज लगा पाना मुश्किल है क्योकि आग बुझाने की कोशिश में पानी भी पूरे मार्केट में फैला है। आगे सीजन होने के कारण माल का स्टॉक बहुत ज्यादा था, इस कारण आग बुझने में देरी होना स्वाभाविक है। फायर फाइटर जान को जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे है, तीन व्यक्ति को धुंए से तकलीफ भी हुई है जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
ललित शर्मा
अध्यक्ष टेक्सटाईल युवा ब्रिगेड


सूरत महानगरपालिका की फायर टीम का कार्य सराहनीय रहा है। लेकिन एक बार कपड़ा आग पकड़ लेता है तो बुझाने में बहुत मशक्कत करनी पड़ती है। पेट्रोलियम उत्पाद होने के कारण कपड़ा आग जल्दी पकड़ता है तथा बुझता मुश्किल से है इसलिए काबू पाने में देरी हुई लेकिन उनकी मेहनत को सलाम है। दो हाइड्रोलिक क्रेन भी लगातार पानी डालती रही जिसके कारण आग आगे नही फेली।
विजय चौमाल
चैयरमेन
स्लम इम्प्रूवमेंट कमेटी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button