
सूरत में दि सदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री तथा मैनमेड टेक्सटाइल्स रिसर्च एसोसिएशन (मंत्रा) के संयुक्त उपक्रम से बुधवार, 26 नवंबर 2025 को सरसाणा स्थित ‘संहति’ में टेक्सटाइल नॉलेज सेशन का आयोजन किया गया। सूरत के टेक्सटाइल उद्योगकारों के लिए आयोजित इस महत्वपूर्ण सत्र में वर्तमान नीतियों, उद्योग की चुनौतियों और वैश्विक स्तर पर उभरते अवसरों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने स्वागत भाषण में कहा कि सूरत का टेक्सटाइल उद्योग लगातार नई तकनीक, नवाचार और गुणवत्ता के बल पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने बताया कि चैंबर और मंत्रा द्वारा आयोजित ऐसे नॉलेज कार्यक्रम उद्योगों को अपडेट रखते हैं और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाते हैं।
चैंबर के उपाध्यक्ष अशोक जीरावाला ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर का भविष्य ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी उन्नयन पर आधारित है। वहीं, मंत्रा के अध्यक्ष रजनिकांत बचकानीवाला ने तकनीक, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट आधारित नीति ढांचे की आवश्यकता पर बल दिया।
विव वॉटर एन्वायरों प्रा. लि. के प्रोडक्ट डेवलपमेंट सेंटर के डायरेक्टर एस.पी. वर्मा ने ‘इंडियन टेक्सटाइल्स – करंट सीनारियो एंड फ्यूचर प्रॉस्पेक्ट्स’ विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि भारत की टेक्सटाइल नीति में तेजी से बदलाव हो रहे हैं। वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन, ग्रीन प्रोसेस, वेस्ट मैनेजमेंट और पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य हो गया है। उन्होंने पीएम मित्रा पार्क और गुजरात सरकार की संबंधित योजनाओं के लाभों की जानकारी भी दी।
एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट लीडरशिप इंस्टीट्यूट के फाउंडर डायरेक्टर विरल शाह ने भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट की संभावनाओं पर बताया कि उत्पाद विविधता, ब्रांडिंग, ई–कॉमर्स और नए बाजारों के माध्यम से भारतीय उद्योगों के लिए विशाल अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि भारत विश्व बाजार में चीन और अमेरिका का विकल्प बनने की क्षमता रखता है।
कार्यक्रम में मंत्रा के मानद मंत्री प्रफुल गांधी, पूर्व अध्यक्ष आशीष गुजराती, उद्योगपति और व्यवसायी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सत्र में टेक्सटाइल नीतियों, वैश्विक ट्रेंड्स और एक्सपोर्ट अवसरों पर उपयोगी जानकारी प्राप्त हुई।




