10वीं मंज़िल से गिरा अधेड़, 8वीं मंज़िल की खिड़की की ग्रिल में फंसा; फायर ब्रिगेड ने बचाई जान

सूरत।शहर में “जाको राखे सांइया मार सके नहीं कोई” कहावत को चरितार्थ करने वाली एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहांगीराबाद क्षेत्र में स्थित एक हाईराइज इमारत में 10वीं मंज़िल से गिरा एक अधेड़ व्यक्ति सीधे नीचे गिरने के बजाय 8वीं मंज़िल के फ्लैट की खिड़की की लोहे की ग्रिल में फंस गया और उल्टा लटक गया। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए।
फायर विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जहांगीराबाद स्थित टाइम गैलेक्सी बिल्डिंग की 10वीं मंज़िल पर रहने वाले 57 वर्षीय नितिनभाई अडिया गुरुवार सुबह अपने कमरे में खिड़की के पास पलंग पर सो रहे थे। इसी दौरान अचानक वे संतुलन खो बैठे और खिड़की से नीचे गिर गए। सौभाग्यवश वे सीधे जमीन पर गिरने के बजाय 8वीं मंज़िल की खिड़की के बाहर लगी लोहे की ग्रिल और सज्जे (बालकनी के हिस्से) में अटक गए। उनका एक पैर ग्रिल में फंस गया, जिससे वे काफी देर तक उल्टे लटके रहे।
घटना की सूचना मिलते ही तीन फायर स्टेशनों से फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। डिप्टी चीफ फायर ऑफिसर एस.डी. धोबी ने बताया कि एहतियात के तौर पर ग्राउंड फ्लोर पर सुरक्षा जाल (सेफ्टी नेट) तैनात किया गया। वहीं दूसरी ओर फायरकर्मी 10वीं मंज़िल पर पहुंचकर रस्सी और सेफ्टी बेल्ट की मदद से नीचे 8वीं मंज़िल तक उतरे।
फायर ब्रिगेड के जवानों ने विशेष उपकरणों की सहायता से ग्रिल का एक हिस्सा काटा और उल्टे लटके नितिनभाई को सुरक्षित तरीके से बांधकर धीरे-धीरे 8वीं मंज़िल के फ्लैट के भीतर निकाल लिया। करीब एक से सवा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद फायरकर्मियों ने उनकी जान बचाई।
रेस्क्यू के बाद नितिनभाई को 108 एंबुलेंस की मदद से इलाज के लिए नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के दौरान इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन समय पर की गई फायर ब्रिगेड की कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया।




