राजस्थानसामाजिक/ धार्मिकसूरत सिटी

अपने आराध्य के प्रति हो अटूट श्रद्धा- मुनिराज श्रेयांसप्रभसागर

दुख हो या सुख हो पर आराध्य के प्रति समर्पण जरूर हो- श्रेयांसप्रभसागर

आज रात्रि में आराधना भवन में होगा दादा गुरूदेव के सामुहिक इक्कतीसा पाठ का आयोजन
कल से शुरू होगा अखण्ड नवकार मंत्र का जाप
बाड़़मेर 20 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान में एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में चल रहे संघ शास्ता वर्षावास 2025 के दौरान शनिवार को मुनिराज श्रेयांसप्रभसागरजी म.सा. ने ध्ार्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि आपकी श्रद्धा ही आपके जीवन को सकारत्मकता प्रदान करती है। अपने आराध्य के प्रति आपका समर्पण भाव ही आपकी एनर्जी को बुस्टअप करता है। श्रद्धा के अभाव में व्यक्ति भटकता है कभी इधर,कभी उधर क्योंकि आपने अभी तक समर्पण का भाव तो दिखाया नही और उससे तत्काल फायदे की मांग कर बैठे। सामान्य जीवन में भी दोस्ती,रिश्तेदारी में भरोसा जमने में समय लगता है ना फिर आप अपने आराध्य से तत्काल उम्मीद कैसे कर सकते हो। जब तक आपकी श्रद्धा अपने आराध्य पर मजबुत नही होगी तब तक आप उसके नही हो सकते। जब आप उसके हो ही नही तो आप कैसी उम्मीद लगाकर बैठे हो। आपका कनेक्शन ऐसा होना चाहिए कि आप उसे महसुस कर सकों ये तभी सम्भव है जब आप पुरी श्रद्धा के साथ उसे अपना बनाओगें। जैसे ही आपकी श्रद्धा कमजोर होती है फिर भटकाव का प्रारम्भ हो जाएगा। भटकाव आपके दुखों का कारण और फिर जो टूटने का सिलसिला प्रारम्भ होगा जो बिखराव की ओर ले जाएगा। उन्होंने छोटे छोटे वृतात सुनाते हुए कहा कि दुख में भी आपका विश्वास डिगना नही चाहिए सुख में भी उसका आभार व्यक्त करना चाहिए। कई बार हम इस भ्रम में भी आ जाते है कि ये मेरी मेहनत से कमाया है उसने क्या किया। लेकिन जब जाता है तो हम उसे ही कोसना प्रारम्भ कर देते है। आराध्य के साथ हर हाल में श्रद्धा और विश्वास को मजबुत बनाए रखें।
चातुर्मास कमेटी के उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि शनिवार को तेले की तपस्या करिश्मा घेवरचन्द बोथरा व आयंबिल सम्पतराज मेवाराम बोथरा के शुरू हुई।
खरतरगच्छाधिपति के सूरि मंत्र की पीठिका के निमित आज रविवार से आराधना भवन में 21 दिन तक सांय 08.15 बजे से 09.00 बजे तक दादा गुरूदेव के इक्कतीसा पाठ का आयोजन होगा, उसमे लक्की ड्रा रखा गया है व कल सोमवार से आराधना भवन में प्रातः 06.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक अखण्ड नवकार मंत्र का जाप का आयोजन होगा। शुक्रवार को रात्रि में केएमपी व ज्ञान वाटिका के बच्चों द्वारा दादा गुरुदेव श्री जिनदत्तसूरी, मणिधारी जिनचंद्रसूरी, जिनकुशलसूरी, दादा जिनचंद्रसूरी का इक्कतीसा आज आसोज तेरस शुक्ररवारा के रात्रि में कोटड़िया नाहटा ग्राउण्ड में रात्रि 08.00 बजे बच्चों द्वारा नृत्य का कार्यक्रम एवं दादा गुरुदेव के चमत्कारो पर नाटिका एवं दादागुरुदेव इकत्तीसा का सामूहिक पाठ का आयोजन हुआ। प्रवचन के बाद संघ पूजन की प्रभावना खरतरगच्छ संघ हुबली द्वारा दी गई।

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