आप बचपन संभालों वो आपको पचपन में संभाल लेगें-आचार्यश्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर

ज्ञान वाटिका का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न
1000 बच्चों के साथ 100 शिक्षकों ने अधिवेशन में लिया भाग
अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी का अष्ठम राष्ट्रीय अधिवेशन आज होगा।
बाड़़मेर 14 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान में संघ शास्ता वर्षावास 2025 के चातुर्मास में खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में केयुप, ज्ञान वाटिका व केएमपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान द्वितीय दिन ज्ञान वाटिका के बच्चों व शिक्षकों का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन सम्पन्न हुआ।

ज्ञान वाटिका अध्यक्षा सरोज गोलेच्छा़ व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद केयुप, ज्ञान वाटिका व अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी के तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के तहत द्वितीय दिवस रविवार को ज्ञान वाटिका का दूसरा राष्ट्रीय अधिवेशन परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वर जी म.सा. की पावन निश्रा में आयोजित हुआ, जिसमें ज्ञान वाटिका के दूसरे अधिवेशन के प्रारम्भ में प्रातः 09.00 बजे ढोल ढमाके के साथ खरतरगच्छाधिपति का सुधर्मा प्रवचन वाटिका में प्रवेश हुआ, इसके बाद सर्वप्रथम ज्ञान वाटिकाओं के बच्चों द्वारा हृदय की गहराईयों से वेलकम किया गया, तत्पश्चात गुरूदेव को सामुहिक गुरूवन्दन व मांगलिक के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।

कार्यक्रम की कड़ी में परमात्मा के समक्ष अतिथि चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष अशोक धारीवाल, नाकोड़ा तीर्थ उपाध्यक्ष लूणकरण बोथरा, ज्ञान वाटिका मार्गदर्शक संघवी मांगीलाल मालू सूरत, ज्ञान वाटिका चेयरमेन विजयराज डोसी, केयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश लूणिया, कुशल वाटिका उपाध्यक्ष द्वारकादास डोसी चातुर्मास कमेटी उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भंसाली, ज्ञान वाटिका कोषाध्यक्ष केवलचन्द छाजेड़ द्वारा दीप प्रज्जवल से कार्यक्रम का आगाज हुआ, तत्पश्चात केएमपी अध्यक्षा सरोज गोलेच्छा, उपाध्यक्ष आरती जैन, केयुप अध्यक्ष प्रकाश पारख, केएमपी अध्यक्षा मीना बोथरा, सरिता जैन, राणामल धारीवाल, भूरचन्द संखलेचा, मांगीलाल मालू, सम्पतराज सेठिया, अशोक धारीवाल व बच्चों द्वारा ध्वज वन्दन किया गया। इसके बाद ज्ञान वाटिका की नन्ही बच्ची भव्या बोहरा द्वारा सरस्वती वन्दना की गई। ज्ञान वाटिका सचिव संजय वैध चैन्नई द्वारा स्वागत गीत, गाजियाबाद से चारू जैन, सरिता जैन, सरोज गोलेच्छा, उर्मिला जैन ने अपना उद्वबोधन दिया।

इसके बाद पुरे भारत वर्ष में ज्ञान वाटिका के बच्चों के जैन धार्मिक परिक्षा में प्रतिभाशाली बच्चों, सौ प्रतिशत उपस्थिति, स्थानीय प्रतिभाशाली बच्चों का पारितोषिक देकर अभिनन्दन किया गया। गुरूदेव के मुखारबिन्द से बाड़मेर में ढाणी जैन मन्दिर के पास, जैन न्याति नोहरे की गली व गंगा मैया मन्दिर के पास तीन ज्ञान वाटिकाओं की शुभारम्भ की घोषणा की गई। बच्चों द्वारा वर्तमान युग में मोबाईल के दुष्प्रभाव, नशा मुक्ति, माता-पिता द्वारा बच्चों को कम समय देने सहित कई धार्मिक नाटिकाओं मंचन किया गया।
अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए बहन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री ने कहा कि जीवन में बच्चों को तीन बाते जरूर सिखाए शाला, ताला और माला ये तीन बाते जीवनभर साथ निभायेगी। संस्कारों की शाला, जवानी में भावनाओं पर ताला एवं बुढापें में माला। अगर आपके बच्चों ने ये तीन बातें सीख ली तो वो जीवन अपना जीवन संवार लेंगे। मुनिराज मुखरप्रभसागरजी म.सा. ने कहा कि वर्तमान युग में घर घर केयुप हर घर केयुप पर विवेचना करते हुए इसी में पंचम पद गांव गांव ज्ञान वाटिका शहर शहर ज्ञान वाटिका, इन्ही ज्ञान वाटिकाओं से बच्चे शिक्षित होकर संस्कारों का सृजन करेंगे।

खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. ने सम्बोधित करते हुए कहा कि ज्ञान वाटिका के बच्चों के बाल्यवस्था के बारे में अवगत करवाते हुए कहा कि यहां आने वाले अधिकाश माता-पिता की एक शिकायत जरूर होती है कि बच्चें मोबाइल नही छोड़ते। सीधा जवाब है कि इन बच्चों को मोबाइल की लत किसने लगाई आपने स्वयं ने। बच्चों को सुविधाएं दो इसकी मनाही नही है पर सुविधाओं के साथ संस्कार जरूर दो। ये ज्ञान वाटिका की पाठशालाएं इसलिए चलाई जा रही है कि हम बच्चों में संस्कार के बीज बोने का कार्य कर रहे है। याद रखिएं आपके संस्कार एक पीढ़ी से दुसरी पीढ़ी तक जाने है। इसलिए परिवार के माता-पिता की जवाबदारी बनती है कि आप उनको संस्कार दो। बच्चों में संस्कारों की कमी के चलते ही वर्तमान में बुढापे खराब हो रहे है। वृद्धाश्रम क्यों दिनबदिन बढ रहे है इसका मुख्य कारण है संस्कारों का अभाव। जिसका बचपन संस्कार में है उनकी पचपन की उम्र सवर जाएगी। मोबाइल और एआई के इस युग में अगर हमनें संस्कार नही दिए केवल पढाई के नाम पर स्कूल ही भेजा तो उनका जीवन अधुरा है।

ज्ञान वाटिका संस्थान द्वारा अधिवेशन के आयोजक श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास व्यवस्था कमेटी, कोर कमेटी व 2025 के पर्युषण पर्व में बच्चों के प्रतिक्रमण के लाभार्थी संघवी अशोककुमार मानमल भंसाली गढसिवाणा हाल अहमदाबाद, हस्तीमल, जगदीशचन्द, रतनकुमार बोथरा परिवार दिल्ली, सम्पूर्ण भारत वर्ष में ज्ञान वाटिकाओं के संचालन करने वाले शिक्षिकाओं का बहुमान किया गया। ज्ञान वाटिका अध्यक्षा सरोज गोलेच्छा ने ज्ञान वाटिका के कार्यो का विस्तार से बताते हुए कहा कि ज्ञान वाटिका के दूसरे अधिवेशन में सम्पूर्ण देशभर से 60 से अधिक शाखाओं से 1000 से अधिक बच्चों एवम शिक्षकों ने भाग लिया। यह अधिवेशन गुरूदेव की निश्रा में प्रतिवर्ष बच्चों के मार्गदर्शन के लिए आयोजित किया जाता है। जिसमें देशभर से हजारो शिक्षक-शिक्षिकाएं व बच्चें शिरकत करते है। ज्ञान वाटिका के इस अधिवेशन में सभी वाटिकाओं द्वारा अपनी अपनी ज्ञान वाटिकाओं में किए गए विभिन्न बच्चों के ज्ञानार्जन की जानकारी दी। वाटिकाओं के उददेशयों में बच्चों को मन्दिर विधि, गुरू वन्दन, पंच प्रतिक्रमण सिखाया जाता है, ज्ञान वाटिका के माध्यम से बच्चों में धर्म संस्कारों का बीजारोपण करना, गच्छ बाल व युवा शक्ति को संगठित कर एक संस्कारी समाज का निर्माण करना व नये मुमुक्षुओ को तैयार करना आदि प्रमुख है।
केएमपी अध्यक्षा सरिता जैन ने बताया कि सम्पूर्ण भारत में वर्तमान में 98 शाखाओं के साथ 5000 बच्चे धर्म की शिक्षा ग्रहण कर रहे है, बाड़मेर में 07 ज्ञान वाटिकाओं का संचालन केयुप व केएमपी के माध्यम से हो रहा है। ज्ञान वाटिका चेयरमेन संघवी विजयराज डोसी ने इस ऐतिहासिक अधिवेशन की व्यवस्था के लिए चातुर्मास कमेटी और ज्ञान वाटिका के भामाशाहों का हृदय से आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में चातुर्मास कमेटी अध्यक्ष अशोक धारीवाल द्वारा अधिवेशन में बाहर से पधारे हुए ज्ञान वाटिका शाखाओं का धन्यवाद व आभार ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ज्ञान वाटिका के सहसचिव अजय डागा नन्दूरबार द्वारा किया गया।

*केएमपी का अष्ठम राष्ट्रीय अधिवेशन आज होगा*
स्थानीय कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में 13 सितम्बर से 15 सितम्बर तक तीन दिवसीय अखिल भारतीय खरतरगच्छ युवा परिषद केयुप, ज्ञान वाटिका व अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी का तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के द्वितीय दिवस ज्ञान वाटिका के बच्चों के अधिवेशन हुआ व आज सोमवार को अखिल भारतीय खरतरगच्छ महिला परिषद केएमपी का अष्ठम राष्ट्रीय अधिवेशन आज होगा। केएमपी अध्यक्षा सरिता जैन ने बताया कि केएमपी का अष्ठम राष्ट्रीय अधिवेशन आज सोमवार को श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ संघ चातुर्मास कमेटी के तत्वावधान में परम पूज्य खरतरगच्छाधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभसूरीश्वरजी म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री के पावन सानिध्य में आयोजित होगा।




