सूरत में निजी स्कूलों की मनमानी
हॉल टिकट के नाम पर छात्रों से वसूली, मानसिक उत्पीड़न रोकने जिलाशिक्षणाधिकारी से अभिभावको की मांग
सूरत। शहर की कुछ निजी स्कूलों द्वारा बोर्ड परीक्षा की हॉल टिकट के नाम पर छात्रों से जबरन शुल्क वसूलने और मानसिक उत्पीड़न करने का मामला सामने आया है। इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए वॉलियों ने सूरत जिला शिक्षणाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ निजी स्कूल अपनी आंतरिक परीक्षाओं के लिए हॉल टिकट तैयार कर छात्रों से शुल्क वसूलते हैं। जो छात्र शुल्क जमा नहीं कर पाते, उन्हें हॉल टिकट न देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। इसके अलावा,अभिभावकों की मीटिंग में बच्चों के पेपर दिखाने के बहाने भी शुल्क वसूली का दबाव बनाया जाता है। कई स्कूलों में त्रैमासिक शुल्क, वह भी सत्र शुरू होने से पहले जमा कराने का दबाव अभिभावकों पर डाला जाता है, जबकि अभिभावकों की मांग है कि शुल्क मासिक या महीने के अंत में जमा करवाने की सुविधा दी जाए।
इस स्थिति को देखते हुए अभिभावकों ने जिला शिक्षणाधिकारी को दिए आवेदन में स्पष्ट किया है कि केवल शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई हॉल टिकट ही मान्य होनी चाहिए। निजी स्कूलों की ओर से तैयार की गई हॉल टिकट को अमान्य घोषित कर परिपत्र जारी किया जाए। साथ ही यह परिपत्र सभी स्कूलों के शुल्क काउंटर और नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से लगाने का आदेश दिया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की हेराफेरी और मानसिक उत्पीड़न पर रोक लग सके।




