धैर्य एवं दृढता जिसके पास सफलता उसके कदमों में-मुनि श्रेयांसप्रभसागर
जरूरी नही हर बार आँखों देखी बात भी सच हो-मुनि श्रेयांसप्रभसागर

रविवार को जैन धार्मिक प्रतियोगिता आयोजित होगी
बाड़़मेर 25 सितम्बर। कोटड़िया-नाहटा ग्राउण्ड स्थित सुधर्मा प्रवचन वाटिका में श्री जैन श्वेताम्बर खरतरगच्छ चातुर्मास कमेटी के तत्वाधान एवं खरतरगच्छाधिपति आचार्य श्रीजिनमणिप्रभसूरीश्वर म.सा. की पावन निश्रा व बहिन म.सा. साध्वी डाॅ. विधुत्प्रभाश्री व श्रमण-श्रमणीवृन्द के पावन सानिध्य में चल रहे संघ शास्ता वर्षावास 2025 के दौरान गुरूवार को मुनिराज मुखरप्रभसागरजी म.सा. ने धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि धेर्य एवं दृढता अगर आपके पास है तो आपको दुनिया में कोई नही हरा सकता। जीवन में होने वाले सारें कार्यो में सबसे पहले दृढ इच्छा होगी तब आप इसे करने के लिए प्रेरित होंगे और फिर उसमें आने वाली परेशानियों का सामना करने के लिए धेर्य की आवश्यकता होगी। उसके बाद तत्काल रिएक्शन करना भी दुखों का कारण है। कई बार आखों के सामने देखी हुई वस्तु के पीछे भी सच्चाई कुछ और हो सकती है। इसलिए पुरी सच्चाई जाने बगैर तत्काल रिएक्शन झगड़े का कारण बन जाता है। वर्तमान में होने वाली परेशानियों का मुख्य कारण है। ये तीन बडी बातों का अभाव होना। व्यक्ति चाहे सांसरिक हो, या सन्यासी सबके लिए इन तीन बातों का होना आवश्यक है। मुनिश्री ने कई वृतात सुनाते हुए बताया कि किस तरह धेर्य को रखने से बडे बडे विवादों बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि सफलता जब तक नही मिलती तब तक ट्राई एण्ड ट्राई अगेन ट्राई ये मूल मंत्र है इसका सीधा अर्थ ही आप धीरज के साथ अपने काम को तब तक करते रहिए जब तक आप सफल नही हो जाते। उन्होंने कहा कि खरतरगच्छाधिति सूरी मंत्र की साधना कर रहे है उनकी ये आराधना आनन्द पूर्वक सम्पन्न हो इसके लिए प्रत्येक श्रावक-श्राविका अपने सामथ्र्य अनुसार सामायिक, माला, तप, आराधना करें। ऊर्जा का सबसे बडा साधन है सबका उस साधना के प्रति समपर्ण भाव को दिखाना।

चातुर्मास कमेटी के सचिव बाबुलाल बोथरा हेमरत्न व मीडिया संयोजक कपिल मालू ने बताया कि गुरूवार को प्रवचन माला के शुभारम्भ में संगीतकार गौरव मालू व गुरूभक्तों द्वारा सामुहिक गुरूवन्दन कर मुनिराज मुखरप्रभसागरजी म.सा. द्वारा प्रार्थना भजन के साथ हुआ। गुरूवार को आयंबिल की तपस्या शांतिदेवी मांगीलाल संखलेचा की रही। खरतरगच्छाधिपति के सूरि मंत्र की पीठिका के निमित आराधना भवन में प्रतिदिन प्रातः 06.00 बजे से सांय 06.00 बजे तक अखण्ड नवकार मंत्र का जाप व सांय 08.15 बजे से 09.00 बजे तक दादा गुरूदेव के इक्कतीसा पाठ आयोजन सम्पन्न हुआ और 07 लक्की ड्रा निकाले गये। 29 सितम्बर से आसोज माह की नवपद शाश्वत ओली की तपस्या शुरू होगी, जिसके नाम लिखे जा रहे है। रविवार को सुधर्मा प्रवचन वाटिका में 15 वर्ष के ऊपर के बच्चों का दोपहर 02.00 बजे से 04.00 बजे तक भगवान महावीर के शासन के सम्बधिंत प्रतियोगिता रखी गई है, जिसका रजिस्ट्रेशन शनिवार को शाम 06.00 बजे तक उर्मिला जैन व सोनू वडेरा के पास करावें। जोधुपर से गुरू दर्शन करने लिए डाॅ. गोविन्दमल सिंघवी बाड़मेर पहुंचे, जहां चातुर्मास कमेटी की ओर से बहुमान किया गया। सरस्वती माता का जाप चालू है




