
पहले एक आरोपी हो चुका गिरफ्तार, दो आरोपी अब भी फरार, जबकि दो के खिलाफ हाईकोर्ट ने शिकायत रद्द की
सूरत। टेक्सटाइल व्यापार में 24.54 लाख रुपए की धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात के मामले में सारोली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पौने दो साल से फरार चल रहे तीन आरोपियों को बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से गिरफ्तार किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार,विष्णुभाई मंगतुलाल हरलालका, जो सारोली स्थित श्याम संगिनी टेक्सटाइल मार्केट की दुकान नंबर 434-435 में “सव्य सांची डिजाइनर एलएलपी” के भागीदार हैं, ने 22 अक्टूबर 2024 को शिकायत दर्ज कराई थी।उनसे बिहार के कपड़ा दलाल और व्यापारियों ने मीठी-मीठी बातों से विश्वास जीतकर लाखों रुपए का साड़ी का माल मंगवाया और बाद में भुगतान नहीं किया।
मामले में मुख्य कपड़ा दलाल “मां तारा एजेंसी” के मालिक रंजीतकुमार यदुनंदन प्रसाद गुप्ता, निवासी एफसीआई गोदाम वार्ड नंबर-14, जानकी हैंडलूम के पास, रत्ना विवाह भवन के पीछे, सिकंदरपुर, मुजफ्फरपुर (बिहार), ने माल खरीदी करवाया था।
“शिवांगी साड़ीज” के संचालक सुनीलकुमार सीताराम प्रसाद खेतान, निवासी गली नंबर-13, भिखनपुरा, रामदयालुनगर, मुजफ्फरपुर (बिहार) तथा उनके पुत्र आकाशकुमार सुनीलकुमार खेतान, निवासी वही पता, ने 12 नवंबर 2020 से 17 अक्टूबर 2022 के बीच 9.72 लाख रुपए का माल खरीदा। इनमें 4.95 लाख रुपए का भुगतान किया गया, जबकि 4.77 लाख रुपए बाकी रखे गए।
“जय मातादी टेक्सटाइल्स” के संचालक आयुष रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, निवासी प्रभात जरदा फैक्ट्री, अखाड़ाघाट, सिकंदरपुर, मुजफ्फरपुर (बिहार), ने 4 दिसंबर 2020 से 14 सितंबर 2022 के बीच 16.10 लाख रुपए का माल खरीदा, जिसमें से 7.74 लाख रुपए का भुगतान किया और 8.35 लाख रुपए बकाया रखे। आयुष गुप्ता को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
“मिश्रीलाल सुमनकुमार” फर्म के संचालक मिश्रीलाल शाह और सुमनकुमार मिश्रीलाल शाह, निवासी दुकान नंबर-42, बैंक रोड, सुट्टा पट्टी, मुजफ्फरपुर (बिहार), ने 4.71 लाख रुपए का माल खरीदा था। इनमें से 1.23 लाख रुपए चुकाए गए और 3.47 लाख रुपए बाकी थे। हालांकि, इन दोनों के खिलाफ दर्ज शिकायत को गुजरात हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिया गया है।
इसके अलावा “आर.के. ट्रेडिंग” की संचालक रानीकुमारी अभयभाई तथा उसके संचालक अभयभाई, निवासी सुनीता कॉम्प्लेक्स के सामने, कृष्णा पेट्रोल पंप के पास, अखाड़ाघाट, मुजफ्फरपुर (बिहार), ने 15.35 लाख रुपए का माल खरीदा था। इनमें 2.83 लाख रुपए चुकाए गए, 4.56 लाख रुपए का माल लौटाया गया, लेकिन 7.94 लाख रुपए अभी भी बकाया हैं। ये दोनों आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
इस मामले में कुल 24 लाख 54 हजार 533 रुपए की धोखाधड़ी सामने आई थी। सारोली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 409, 420 और 114 के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस कमिश्नर अनुपमसिंह गहलौत के निर्देशानुसार पुलिस निरीक्षक एस.आर. वेकरिया के नेतृत्व में सर्विलांस पीएसआई यू.बी. मेंदपरा और टीम ने तकनीकी व ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर मुजफ्फरपुर में दबिश देकर रंजीतकुमार गुप्ता, सुनीलकुमार खेतान और आकाशकुमार खेतान को गिरफ्तार किया। पुलिस अब शेष फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।




