
करदाताओं को भेजे जा रहे फर्जी एसएमएस और ई-मेल, विभाग ने बरतने को कहा विशेष सावधानी
सूरत। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने का दौर शुरू होते ही साइबर ठगों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इनकम टैक्स रिफंड दिलाने के नाम पर करदाताओं को फर्जी एसएमएस और ई-मेल भेजकर ठगी करने वाला संगठित गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है। शहर सहित देशभर में अनेक करदाताओं को ऐसे संदेश मिलने लगे हैं, जिनमें आकर्षक दावे कर उन्हें जाल में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
ठग संदेशों में दावा करते हैं कि यदि करदाता का रिफंड लंबित है तो दिए गए लिंक पर क्लिक कर प्रक्रिया पूरी करें और अगले ही दिन रिफंड प्राप्त करें। लेकिन जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसे लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी साझा करता है, उसके बैंक खाते से रकम पार कर ली जाती है।
गौरतलब है कि लोगों को ठगने के लिए अपराधी लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। कुछ समय पहले आरटीओ चालान के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आए थे, जबकि अब इनकम टैक्स रिफंड को माध्यम बनाकर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
इनकम टैक्स विभाग ने स्पष्ट किया है कि वह रिफंड जारी करने के लिए किसी संदिग्ध लिंक वाले एसएमएस या ई-मेल के जरिए जानकारी साझा करने को नहीं कहता। यदि कोई सूचना प्राप्त होती है तो उसकी सत्यता आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पैन नंबर के माध्यम से जांची जा सकती है। विभाग ने करदाताओं से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और अपनी बैंकिंग या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
पिछले कई वर्षों से इनकम टैक्स रिफंड के नाम पर साइबर ठगी के मामले सामने आते रहे हैं। इसे देखते हुए विभाग समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह देता रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी-सी सावधानी बरतकर बड़ी आर्थिक क्षति से बचा जा सकता है।




