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पुलिस थानों में फरियादियों की शिकायतों का निपटारा अब 15 दिनों में करना होगा : डीजीपी जी.एस. मलिक

न्याय के लिए गांधीनगर तक नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, पुलिस अधिकारियों को रोज दो घंटे जनसुनवाई करना होगा अनिवार्य

गांधीनगर। राज्य के नागरिकों की शिकायतों और प्रस्तुतियों का स्थानीय स्तर पर ही त्वरित एवं समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक ने एक महत्वपूर्ण कार्यालय आदेश जारी किया है। इस आदेश का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था को अधिक जनोन्मुखी बनाना और लोगों को न्याय के लिए गांधीनगर स्थित डीजीपी कार्यालय या सचिवालय तक जाने की आवश्यकता समाप्त करना है।

नए आदेश के तहत राज्य के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर थाना प्रभारियों तक को प्रतिदिन दो घंटे आम नागरिकों की शिकायतें सुनने के लिए अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहना होगा। सभी पुलिस आयुक्त, संयुक्त, अतिरिक्त, उप एवं सहायक पुलिस आयुक्त, रेंज आईजी तथा पुलिस अधीक्षकों को प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर फरियादियों से मुलाकात करनी होगी तथा उनकी लिखित शिकायतों पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी।

यदि किसी अपरिहार्य कारणवश संबंधित अधिकारी उपस्थित नहीं रह पाते हैं, तो कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी अथवा रीडर को शिकायतें प्राप्त कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर संबंधित अधिकारी के संज्ञान में लाना होगा, ताकि किसी भी फरियादी को निराश होकर वापस न लौटना पड़े।

थाना स्तर पर भी जनसुनवाई की व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस निरीक्षक एवं थाना प्रभारी, जो प्रायः सुबह अदालत, जांच अथवा अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, उन्हें प्रतिदिन शाम 4 बजे से 6 बजे तक पुलिस स्टेशन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर नागरिकों की समस्याएं सुननी होंगी और उनकी शिकायतों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू करनी होगी।

डीजीपी के आदेश में शिकायतों के निस्तारण के लिए समय-सीमा भी निर्धारित की गई है। आर्थिक अपराध, वैवाहिक एवं पारिवारिक विवाद, चिकित्सकीय लापरवाही तथा भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों का निपटारा अधिकतम छह सप्ताह में करना होगा, जबकि अन्य सभी सामान्य शिकायतों का समाधान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित करना अनिवार्य होगा।

प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक कार्यालय में शिकायतकर्ताओं का विवरण दर्ज करने हेतु अलग रजिस्टर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यदि प्रारंभिक जांच के दौरान किसी संज्ञेय अपराध के संकेत मिलते हैं, तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू करने का आदेश भी दिया गया है। डीजीपी जी.एस. मलिक ने प्रत्येक शिकायत की निष्पक्ष और न्यायपूर्ण जांच पर विशेष जोर देते हुए सभी पुलिस अधिकारियों को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन करने के आदेश दिए हैं।

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