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ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 7 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर बंद

भारी डिस्काउंट और अनियंत्रित ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल

सूरत। देशभर के 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्टों ने ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म के कथित अनियंत्रित संचालन और भारी डिस्काउंट नीति के विरोध में देशव्यापी बंद का आह्वान किया। इस बंद का असर सूरत में भी देखने को मिला, जहां 7 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल में शामिल हुए।

केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा बिना उचित जांच के दवाओं की बिक्री, डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाएं उपलब्ध कराना तथा भारी छूट देकर व्यापार करने से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में केंद्र सरकार से सख्त नियम लागू करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया।

हड़ताल के दौरान शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। हालांकि अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर, इमरजेंसी सेवाएं तथा कुछ निर्धारित आपातकालीन केमिस्ट दुकानें खुली रखी गईं, ताकि मरीजों को आवश्यक दवाएं मिलने में परेशानी न हो।

इस आंदोलन का नेतृत्व ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा किया गया। वहीं, कुछ राज्यों की स्थानीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस बंद से दूरी बनाए रखने का निर्णय भी लिया है।

भारी डिस्काउंट और अनियंत्रित ऑनलाइन फार्मेसी के खिलाफ केमिस्टों की देशव्यापी हड़ताल

सूरत। देशभर के 15 लाख से अधिक केमिस्ट और ड्रगिस्टों ने ऑनलाइन फार्मेसी प्लेटफॉर्म के कथित अनियंत्रित संचालन और भारी डिस्काउंट नीति के विरोध में देशव्यापी बंद का आह्वान किया। इस बंद का असर सूरत में भी देखने को मिला, जहां 7 हजार से अधिक मेडिकल स्टोर संचालक हड़ताल में शामिल हुए।

केमिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार ऑनलाइन फार्मेसी कंपनियों द्वारा बिना उचित जांच के दवाओं की बिक्री, डॉक्टर की प्रिस्क्रिप्शन के बिना दवाएं उपलब्ध कराना तथा भारी छूट देकर व्यापार करने से पारंपरिक मेडिकल स्टोरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। इसी के विरोध में केंद्र सरकार से सख्त नियम लागू करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया गया।

हड़ताल के दौरान शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे। हालांकि अस्पतालों से जुड़े मेडिकल स्टोर, इमरजेंसी सेवाएं तथा कुछ निर्धारित आपातकालीन केमिस्ट दुकानें खुली रखी गईं, ताकि मरीजों को आवश्यक दवाएं मिलने में परेशानी न हो।

इस आंदोलन का नेतृत्व ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) द्वारा किया गया। वहीं, कुछ राज्यों की स्थानीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस बंद से दूरी बनाए रखने का निर्णय भी लिया है।

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