
सूरत। वैश्विक युद्ध जैसी स्थिति और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में करीब 20 प्रतिशत वृद्धि के कारण देश का टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग गंभीर संकट का सामना कर रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) की टेक्सटाइल एंड गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन चम्पालाल बोथरा ने केंद्र सरकार से तत्काल राहत देने की मांग की है।
बोथरा ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल, कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह तथा कैट के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद प्रवीण खंडेलवाल को पत्र और ई-मेल भेजकर टेक्सटाइल उद्योग के लिए विशेष “अस्थायी टेक्सटाइल राहत कोष” (टेम्परेरी टेक्सटाइल फंड) की घोषणा करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि इस कोष के माध्यम से उद्योग को वर्तमान आर्थिक संकट से उबरने में सहायता मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण यार्न, कोयला, डाई-केमिकल्स और नेचुरल गैस सहित कच्चे माल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। ऐसे में एमएसएमई इकाइयों को कच्चे माल की खरीद पर सब्सिडी या वित्तीय सहायता दी जानी चाहिए।
बोथरा ने यह भी कहा कि डॉलर की मजबूती और बढ़े हुए माल ढुलाई खर्च के कारण निर्यात ऑर्डरों में कमी आ रही है। इसलिए निर्यातकों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू करने की आवश्यकता है। इसके अलावा घरेलू बाजार में मंदी और लिक्विडिटी की कमी से व्यापार प्रभावित हो रहा है, इसलिए व्यापारियों को वर्किंग कैपिटल पर ब्याज में राहत और आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कपड़ा उद्योग इस समय अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। ऐसे में सरकार द्वारा जल्द राहत पैकेज की घोषणा उद्योग के लिए बेहद जरूरी है।



