सूरत में अशांतधारा को लेकर विवाद, गोपीपुरा के जैन समाज के लोगों का कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन
फ्लैट बिक्री की अनुमति जल्द देने की मांग, तीसरे पक्ष की आपत्तियों से रुकी प्रक्रिया
सूरत।सूरत में अशांतधारा कानून को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। गोपीपुरा के तीन बत्ती क्षेत्र स्थित दिव्य स्वप्रा अपार्टमेंट के जैन समाज के स्थानीय निवासियों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध जताया और तीसरे पक्ष की आपत्तियों के कारण रुकी हुई प्रक्रिया को लेकर ज्ञापन सौंपा।
स्थानीय लोगों ने अपने आवेदन में बताया कि गोपीपुरा क्षेत्र के तीन बत्ती के पास स्थित दिव्य स्वप्रा अपार्टमेंट में कुल 27 फ्लैट हैं। यहां रहने वाले सभी निवासियों ने अपनी इच्छा से अपने फ्लैट बेचने का निर्णय लिया है। इन फ्लैटों को खरीदने के लिए मुस्लिम परिवार तैयार हैं, और खरीदार तथा विक्रेता दोनों पक्षों की सहमति होने के बावजूद अशांतधारा कानून के तहत आवश्यक अनुमति लंबे समय से नहीं मिल रही है।
निवासियों का कहना है कि नियमों के अनुसार अनुमति प्राप्त करने के लिए सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं, लेकिन इसके बावजूद अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। संबंधित कार्यालय द्वारा बताया गया कि कुछ तीसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके कारण पूरी प्रक्रिया रुक गई है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि इस अपार्टमेंट के आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से मुस्लिम समाज के लोग रहते हैं। अपार्टमेंट के आसपास स्थित रंगमंगल, रंगकला, पंचोली शेरि और तीन बत्ती क्षेत्र की कई सोसायटियों और अपार्टमेंट में वर्षों से मुस्लिम परिवार निवास कर रहे हैं। इसके अलावा दिव्य स्वप्रा अपार्टमेंट के नीचे स्थित दुकानों में भी मुस्लिम समाज के व्यापारी लंबे समय से व्यवसाय कर रहे हैं। इसलिए इस क्षेत्र में विभिन्न समाजों के बीच सह-अस्तित्व और सौहार्दपूर्ण माहौल बना हुआ है।
निवासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जब खरीदार और विक्रेता दोनों की सहमति है, तो तीसरे पक्ष की आपत्तियों के कारण प्रक्रिया रोकना उचित नहीं है। इसलिए अशांतधारा के तहत जरूरी अनुमति तुरंत प्रदान की जाए ताकि निवासियों को न्याय मिल



