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गल्प में युद्ध के बीच टेक्सटाइल उद्योग को राहत देने की मांग, बकाया सब्सिडी तुरंत देने की अपील

सदर्न गुजरात चैंबर ने उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और वित्त मंत्री कनुभाई देसाई को पत्र लिखकर की गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी की प्रोत्साहन राशि जारी करने की मांग

सूरत।गल्प क्षेत्र में उत्पन्न युद्ध जैसी स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निर्यात पर पड़ रहे असर के बीच सूरत सहित दक्षिण गुजरात के टेक्सटाइल उद्योग को आर्थिक राहत देने के लिए द साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने राज्य सरकार के समक्ष महत्वपूर्ण प्रस्तुति की है। चैंबर ने गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत उद्योगों को मिलने वाली बकाया सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की है।
इस संबंध में चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और वित्त मंत्री कनुभाई देसाई को पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया है।
चैंबर ने अपने पत्र में कहा है कि सूरत और पूरे दक्षिण गुजरात के आर्थिक विकास में टेक्सटाइल उद्योग एक प्रमुख आधार स्तंभ के रूप में कार्य करता है। रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक विकास में इस उद्योग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के अंतर्गत मिलने वाले विभिन्न प्रोत्साहनों को ध्यान में रखते हुए कई उद्योगपतियों ने आधुनिक तकनीक अपनाकर उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है।
हालांकि, वर्तमान में गल्फ क्षेत्र में उत्पन्न युद्ध की स्थिति के कारण टेक्सटाइल उद्योग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार के माहौल में अनिश्चितता बढ़ गई है और निर्यात ऑर्डर, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था तथा वैश्विक बाजार की स्थिरता पर भी नकारात्मक असर देखा जा रहा है।
इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए चैंबर ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि गुजरात टेक्सटाइल पॉलिसी के तहत उद्योगों को मिलने वाली बकाया सब्सिडी और प्रोत्साहन राशि का तुरंत भुगतान किया जाए। इससे उद्योगों को आवश्यक लिक्विडिटी मिलेगी और वे अपनी वित्तीय जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे।
चैंबर के अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने कहा कि यदि राज्य सरकार इस मुद्दे पर जल्द और सकारात्मक निर्णय लेती है तो टेक्सटाइल उद्योग का विश्वास और मजबूत होगा तथा सूरत और दक्षिण गुजरात के आर्थिक विकास में इस उद्योग का योगदान निरंतर बना रहेगा

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