
सूरत। पांडेसरा जीआईडीसी स्थित न्यू पारस डाइंग मिल में केमिकल की टंकी साफ करने के दौरान जहरीली गैस के कारण दम घुटने से दो श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य की हालत गंभीर होने के कारण उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है। यह हादसा उस समय हुआ जब चारों श्रमिक टंकी में जमा कचरा साफ करने के लिए अंदर उतरे थे।
मिली जानकारी के अनुसार पांडेसरा के गणेशनगर क्षेत्र में रहने वाले और मूल रूप से बिहार के निवासी 23 वर्षीय सोनू कुमार कमलेश पासवान, 20 वर्षीय दिनू कुमार उर्फ अंकित रविंद्र पासवान, मननेंद्र पासवान और संदीप पासवान को ठेके पर बाहर से केमिकल टंकी साफ करने के लिए बुलाया गया था। गुरुवार रात वे पांडेसरा जीआईडीसी स्थित न्यू पारस डाइंग मिल में टंकी की सफाई के लिए पहुंचे थे।
बताया जा रहा है कि पहले टंकी में भरा पानी इलेक्ट्रिक मोटर की मदद से बाहर निकाला गया था। इसके बाद टंकी में जमा कचरा साफ करने के लिए चारों श्रमिक एक-एक कर टंकी में उतरे। इसी दौरान टंकी में मौजूद गैस पाइप से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे टंकी के अंदर जहरीली गैस फैल गई और चारों श्रमिकों का दम घुटने लगा। कुछ ही देर में सभी टंकी के अंदर बेहोश हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही मिल के मेंटेनेंस विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद चारों को टंकी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें तुरंत उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान सोनू कुमार कमलेश पासवान की देर रात मौत हो गई। वहीं शुक्रवार सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे दिनू कुमार उर्फ अंकित रविंद्र पासवान ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य दो श्रमिक मननेंद्र पासवान और संदीप पासवान का अस्पताल में इलाज जारी है।
बताया गया है कि मृतक सोनू कुमार पासवान की पांच वर्ष पहले शादी हुई थी और उनका परिवार बिहार में रहता है। वहीं दिनू कुमार उर्फ अंकित पासवान अविवाहित थे और उनका परिवार भी बिहार में ही रहता है। दोनों युवकों की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार मृतक और घायल चारों युवक मिल के नियमित कर्मचारी नहीं थे, बल्कि उन्हें ठेके के तहत केमिकल टंकी की सफाई के लिए बुलाया गया था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और गैस रिसाव कैसे हुआ तथा सुरक्षा व्यवस्था में कोई लापरवाही तो नहीं हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।



