
सूरत।पुलिस कर्मचारी बनकर ठगी करने का एक मामला सामने आया है। कोसाड की रहने वाली एक महिला ने चौटाबाजार के कपड़ा व्यापारी को 21 लाख रुपये दिलाने का झांसा देकर 60 हजार रुपये ठग लिए। इस मामले में अठवालाइंस पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, रांदेर रोड स्थित ताडवाड़ी क्षेत्र की सिंधी सोसायटी में रहने वाले विनोद रामचंद वटियाणी चौटाबाजार में बड़े मंदिर के पास हार्मोनी स्लीपवियर नाम से कपड़ों की दुकान चलाते हैं। जनवरी महीने में रिजवाना जाकिर जरीवाला नाम की महिला उनकी दुकान पर आई और 900 रुपये के कपड़े खरीदे। बातचीत के दौरान उसने खुद को उमरा पुलिस स्टेशन में कार्यरत बताया और किसी भी काम में मदद करने की बात कही।
इस पर विनोद वटियाणी ने बताया कि उनके मित्र यश मखीजा से उन्हें 21 लाख रुपये लेने हैं, लेकिन वह पैसा वापस नहीं दे रहा है। इस पर रिजवाना ने दावा किया कि कोर्ट केस में समय लगेगा और वकील 10 प्रतिशत फीस लेगा, जबकि वह 5-7 दिनों में रुपये निकलवा देगी। इसके लिए उसने डेढ़ लाख रुपये की मांग की और 60 हजार रुपये एडवांस के तौर पर देने को कहा।
विनोद ने भरोसा करके 60 हजार रुपये दे दिए। बाद में रिजवाना ने लिखित देने से इनकार कर दिया और इसे उधार का लेन-देन बताने को कहा। कुछ दिनों बाद उसने व्हाट्सएप पर 20 हजार रुपये और मांगे। जब विनोद ने पैसे लौटाने को कहा तो रिजवाना दुकान पर पहुंच गई और कोर्ट के सरकारी वकील व जज को भी पैसे देने की बात कहकर दबाव बनाने लगी।
इस दौरान विनोद के भाई ने अठवालाइंस पुलिस स्टेशन चलने को कहा तो वह वहां से निकल गई। संदेह होने पर विनोद के बेटे को उमरा पुलिस स्टेशन भेजा गया, जहां पता चला कि रिजवाना नाम की कोई महिला वहां कार्यरत नहीं है।
बाद में विनोद ने पैसे वापस मांगे तो रिजवाना ने उल्टा उन्हें ब्याजखोरी की शिकायत करने की धमकी दी। इसके बाद विनोद वटियाणी ने अठवालाइंस पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।




