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पश्चिम एशिया संकट से व्यापार व एमएसएमई पर असर की आशंका, कैट ने राहत उपायों की मांग की

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट का भारत के व्यापार एवं उद्योग, विशेषकर छोटे व्यापारियों और एमएसएमई क्षेत्र पर संभावित प्रभाव को लेकर कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने चिंता व्यक्त की है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन को पत्र लिखकर समय रहते राहत और नीतिगत उपाय करने का आग्रह किया है।
खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि सरकार की सतत निगरानी से वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि, आपूर्ति बाधाएं और लागत बढ़ने से पेट्रोकेमिकल्स, फार्मास्यूटिकल्स, प्लास्टिक, टेक्सटाइल, उर्वरक, केमिकल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ सकता है।
कैट के गुजरात चेयरमैन प्रमोद भगत ने कहा कि निर्यातकों को फ्रेट और बीमा लागत में वृद्धि, शिपमेंट में देरी और भुगतान अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र में बढ़ती लागत, कार्यशील पूंजी पर दबाव और मुनाफे में कमी को लेकर चिंता जताई।
कैट ने सरकार से एमएसएमई को ऋण राहत, विशेष क्रेडिट गारंटी योजना, ब्याज सब्सिडी, ईंधन व कच्चे माल की कीमतों की निगरानी तथा निर्यातकों को फ्रेट व बीमा सहायता देने की मांग की है। साथ ही “वेस्ट एशिया इम्पैक्ट असेसमेंट एवं रिस्पॉन्स टास्क फोर्स” के गठन का सुझाव दिया गया है, ताकि स्थिति का आकलन कर समय पर नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।

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