अमरोली के एक यूनिट में जांच के दौरान 31 लाख की कथित वसूली, मार्च एंडिंग में जीएसटी अधिकारियों पर उठे सवाल
दो लाख के टैक्स के बदले 31 लाख लेकर मामला दबाने की चर्चा, विभागीय जांच की मांग तेज
सूरत। मार्च एंडिंग के दौरान टैक्स वसूली को लेकर सक्रिय रहने वाले जीएसटी अधिकारियों पर अब गंभीर आरोप सामने आए हैं। अमरोली क्षेत्र स्थित एक इंडस्ट्रियल एस्टेट के यूनिट में की गई जांच के दौरान टैक्स वसूली के नाम पर 31 लाख रुपये की कथित वसूली किए जाने की चर्चा ने विभाग में हलचल मचा दी है।
जानकारी के अनुसार, सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों ने कुछ समय पहले अमरोली के एक इंडस्ट्रियल यूनिट में जांच की थी। प्राथमिक जांच में स्टॉक और खातों के आधार पर करीब 40 लाख रुपये से अधिक की टैक्स चोरी सामने आई थी। इसके बाद अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई शुरू की, लेकिन इसी दौरान कथित रूप से ‘सेटलमेंट’ का खेल शुरू होने की चर्चा सामने आई है।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों ने टैक्स चोरी के मामले में करीब दो लाख रुपये की आधिकारिक वसूली कराई, जबकि मामला समाप्त करने के नाम पर 31 लाख रुपये की मांग कर कथित रूप से पूरा प्रकरण रफा-दफा कर दिया गया। इस घटना को लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
आरोप है कि जांच के दौरान व्यापारियों को अधिक परेशान कर उनसे मोटी रकम वसूलने का दबाव बनाया जाता है। मार्च एंडिंग के दौरान टैक्स वसूली के नाम पर इस प्रकार की गतिविधियों की चर्चा ने विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तो इसमें शामिल अधिकारियों और अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। फिलहाल इस कथित वसूली को लेकर विभाग में अंदरखाने चर्चा तेज है और मामले की जांच की मांग उठ रही है।




