
सूरत। गोडादरा स्थित स्वास्तिक मार्केट को लेकर निवेशकों और बिल्डरों के बीच वर्षों से चला आ रहा विवाद एक बार फिर गर्मा गया है। शनिवार को निवेशकों ने वेसु स्थित सिद्धि विनायक मंदिर के पास नीयन बैंक्वेट में बिल्डरों के साथ बैठक कर अपनी निवेश की गई राशि वापस करने की मांग उठाई।

निवेशक देव संचेती ने बताया कि गोडादरा में कंगारू सर्कल से डिंडोली रोड पर वर्ष 2017 में स्वास्तिक मार्केट का निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस प्रोजेक्ट में में सैकड़ों कपड़ा व्यापारी निवेशकों ने बिल्डर अभिषेक राठी के विश्वास पर करोड़ों रुपये का निवेश किया था। लेकिन पिछले करीब नौ वर्षों से मार्केट का निर्माण अधूरा पड़ा है और निवेशकों को न तो कब्जा मिला है और न ही उनकी राशि वापस की गई है।जिससे व्यापारियो का बिल्डर्स पर से भरोसा उठ गया है।व्यापारियो में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

शनिवार को आयोजित बैठक में बिल्डर अभिषेक राठी, कनुभाई, रमेश जुनेजा, अभिषेक चितकारा और राहुल असीजा उपस्थित रहे। बैठक के दौरान निवेशकों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने बिल्डरों से अपनी पूरी निवेश राशि तुरंत लौटाने की मांग की। माहौल गर्म होने पर कुछ बिल्डरों ने अपने हिस्से की राशि वापस करने का आश्वासन दिया।
बताया गया कि बिल्डर रमेश जुनेजा, अभिषेक चितकारा और राहुल असीजा ने अपने हिस्से की राशि तुरंत लौटाने की बात कही, जबकि कनुभाई ने अपने हिस्से की रकम के बदले अन्य संपत्ति देने अथवा 6–7 महीने में भुगतान करने का प्रस्ताव रखा। निवेशकों की सहमति बनती देख निवेशकों ने अपने हिसाब की डायरियां भी मंगवा लीं और चेक से भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की बात हुई।
हालांकि इसी दौरान बिल्डर अभिषेक राठी ने चेकबुक पर हस्ताक्षर न होने का बहाना किया, जिससे निवेशक फिर भड़क गए। नाराज निवेशकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी राशि वापस नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे और सूरत के विभिन्न स्थानों पर पोस्टर लगाकर विरोध जताएंगे।
गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले भी निवेशकों ने स्वास्तिक मार्केट के सामने प्रदर्शन कर या तो निर्माण कार्य पूरा कर कब्जा देने या निवेश राशि लौटाने की मांग की थी। उस समय भी बिल्डरों ने आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक न तो मार्केट निर्माण कार्य पूरा हुआ और न ही निवेशकों को उनका पैसा वापस मिला।

शनिवार की बैठक में विवाद बढ़ता देख मामले को फिलहाल एक दिन के लिए टाल दिया गया है। निवेशकों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में आंदोलन तेज किया जाएगा।




