
सूरत। भारत सरकार के युवा विकास कार्यक्रम के तहत मध्यप्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से आए 250 से अधिक युवाओं ने हाल ही में द साउदर्न गुजरात चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का दौरा किया। सीआरपीएफ, सूरत पुलिस और कार्यक्रम से जुड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में ये युवा छह दिवसीय अध्ययन यात्रा पर सूरत पहुंचे थे।
इन युवाओं में कई ऐसे भी थे जिन्होंने जीवन में पहली बार ट्रेन के सेकंड क्लास में यात्रा करने का अनुभव किया। अधिकांश युवाओं ने कभी हवाई जहाज में सफर नहीं किया और कुछ तो पहली बार कार में बैठे थे। शिक्षा प्राप्त करने के लिए कई युवाओं को स्कूल तक पहुंचने के लिए रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से उनका परिचय बेहद सीमित रहा है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स की यात्रा के दौरान जब युवाओं ने वहां की आधुनिक सुविधाएं, विशाल एक्जीबिशन सेंटर और एयर कंडीशनर से सुसज्जित सेमिनार हॉल देखे तो वे आश्चर्यचकित रह गए। ‘एक्जीबिशन’ जैसी गतिविधि क्या होती है और इस प्रकार के कार्यक्रम कैसे आयोजित किए जाते हैं, इसका अनुभव उन्हें पहली बार हुआ।
सूरत शहर की स्वच्छता, सुव्यवस्थित सड़कें और तेज़ी से हो रहा विकास देखकर भी युवाओं ने काफी उत्साह व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा से उन्हें शहरों में उपलब्ध अवसरों और विकास की नई संभावनाओं के बारे में जानकारी मिली है।
नक्सलवाद के विषय में पूछे जाने पर कुछ युवाओं ने कहा कि उनके परिवार के बड़े सदस्यों ने नक्सलवाद के दौर को करीब से देखा है और उन्हें भी इसकी कुछ यादें हैं। हालांकि अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और वे शिक्षा तथा मेहनत के माध्यम से अपने जीवन में आगे बढ़ने को लेकर आशावान हैं।
सूरत की इस अध्ययन यात्रा और यहां के लोगों के साथ हुए संवाद से युवाओं के मन में नई प्रेरणा और उम्मीद जगी है। चैंबर के ग्रुप चेयरमैन मनीष कापड़िया और परेश लाठिया के सहयोग से इन युवाओं को चैंबर की गतिविधियों को करीब से देखने का अवसर मिला।




