
फागोत्सव–2026 का भव्य समापन रात 3 बजे तक कराया, अगले ही दिन हृदयाघात से निधन —अंतिम दर्शन में उमड़ा राजस्थानियों का जनसैलाब
सूरत। राजस्थान क्षत्रिय राजपूत समाज, सूरत के पूर्व अध्यक्ष, राजस्थान युवा संघ के वर्तमान अध्यक्ष एवं लघु उद्योग भारती सूरत जिला इकाई के अध्यक्ष आदरणीय श्री विक्रमसिंह जी शेखावत का मंगलवार 3 मार्च को दोपहर लगभग 1:30 बजे हृदय गति रुकने से आकस्मिक निधन हो गया। 42 वर्ष की आयु में उनका यूँ अचानक चले जाना पूरे राजस्थानी समाज, सामाजिक संगठनों और व्यापारिक जगत के लिए वज्रपात से कम नहीं है।
*घर पर बिगड़ी तबीयत, डॉक्टरों के प्रयास विफल*
वेसु वीआईपी रोड स्थित पुण्यभूमि सोसायटी में परिवार सहित निवासरत विक्रमसिंह शेखावत मंगलवार को घर पर ही अचानक अस्वस्थ होकर बेहोश हो गए। परिजनों ने तत्काल चिकित्सकों की टीम को बुलाया। सीपीआर सहित हरसंभव प्रयास किए गए, किंतु उन्हें बचाया नहीं जा सका। सूचना मिलते ही अलथाण पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया के बाद पार्थिव देह को पोस्टमॉर्टम हेतु नई सिविल अस्पताल ले जाया गया। बाद में अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को उनके मूल निवास राजस्थान ले जाया गया।

रात को 3 बजे तक फागोत्सव-2026 का समापन,सुबह शोक में डूबा राजस्थानी समाज
हृदयविदारक तथ्य यह है कि सोमवार देर रात, लगभग 3 बजे तक उन्होंने गोडादरा स्थित तुलसी पार्टी प्लॉट में आयोजित त्रिदिवसीय फागोत्सव–2026 का भव्य समापन कराया था। हजारों समाजबंधुओं की उपस्थिति में उन्होंने पूरे आयोजन का संचालन किया।
तीनों दिन वे स्वयं मैदान में सक्रिय रहे। जो समाजबंधु कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हुए, उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन कर याद दिलाते। कार्यकर्ताओं का मनोबल बना रहे, इसके लिए वे दिन-रात परिश्रम करते रहे। बताया जाता है कि कार्यक्रम के दौरान उनकी तबीयत कुछ नाजुक थी, परंतु कार्यकर्ताओं का उत्साह कम न हो, इसलिए उन्होंने अस्वस्थता की चर्चा तक नहीं की।
*ऐतिहासिक घूमर कार्यक्रम की अमिट छाप*
पिछले वर्ष उनके नेतृत्व में 11,000 महिलाओं द्वारा सामूहिक पारंपरिक घूमर नृत्य का ऐतिहासिक आयोजन किया गया था, जिसने ग्रीनिज बुक में स्थान प्राप्त कर सूरत के राजस्थानी समाज को राष्ट्रीय पहचान दिलाई। वह आयोजन केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन शक्ति और समाज की एकता का विराट प्रदर्शन था। विक्रमसिंह शेखावत की दूरदर्शिता और योजनाबद्ध कार्यशैली ने उसे ऐतिहासिक उपलब्धि में बदल दिया।
*सपना: सूरत में राजस्थानी समाज का विशाल अस्पताल*
विक्रमसिंह शेखावत का सबसे बड़ा सपना था—सूरत में राजस्थानी समाज के लिए एक आधुनिक, विशाल और किफायती अस्पताल की स्थापना। उनका मानना था कि समाज की सच्ची सेवा स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से ही संभव है।
एक बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा था कि वे राजस्थान युवा संघ का अध्यक्ष पद किसी नए युवा को सौंपकर स्वयं अस्पताल परियोजना को समय देना चाहते हैं। वे चाहते थे कि सूरत शहर ही नहीं, बल्कि सूरत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले राजस्थानी परिवारों को भी सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिले।
*संगठन विस्तार की अद्भुत रणनीति*
सूरत शहर के उपनगरों और ग्रामीण विस्तारों में बसे राजस्थानी समाज को जोड़ने के लिए उन्होंने अलग-अलग जोन बनाकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी। संगठन का यह विस्तार उनकी दूरदर्शिता का प्रमाण है।
उन्होंने समाज के बड़े-बुजुर्गों से लेकर युवाओं और नवपरिवारों तक सभी को एक मंच पर लाकर राजस्थान युवा संघ को सूरत में एक मजबूत और प्रभावशाली संगठन के रूप में स्थापित किया। वे 36 कोम के चहेते, सबको साथ लेकर चलने वाले और समावेशी नेतृत्व के प्रतीक थे।



*सिविल अस्पताल में उमड़ा जनसैलाब, “विक्रमसिंह अमर रहें” के गूंजे नारे*
नई सिविल अस्पताल में अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में राजस्थानी समाज के लोग, राजस्थान युवा संघ के कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे।
जब पार्थिव देह को शवगृह से अंतिम दर्शन के लिए बाहर लाया गया, तो वातावरण “विक्रमसिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। अश्रुपूरित नेत्रों से लोगों ने अपने प्रिय लाडले को अंतिम विदाई दी।
*केंद्रीय जल मंत्री से लेकर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति*
अंतिम दर्शन के लिए सबसे पहले केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं भाजपा नेता सी.आर. पाटिल सिविल अस्पताल पहुंचे और परिवार को सांत्वना दी।
उनके साथ लिम्बायत विधायक संगीता पाटिल, उपमहापौर डॉ. नरेंद्र पाटिल,मनपा स्लम समिति के चेयरमैन विजय चौमाल पूर्व शासक पक्ष नेता एवं पार्षद अमितसिंह राजपूत, पार्षद दिनेश राजपुरोहित, उद्योगपति संजय सरावगी (लक्ष्मीपति ग्रुप), फोस्टा अध्यक्ष कैलाश हाकिम सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, उद्योगपति और समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विधायक संगीता पाटिल अंतिम दर्शन के दौरान भावुक हो उठीं।
*एक नेतृत्व, एक विचार, एक युग का अवसान*
विक्रमसिंह शेखावत का जाना केवल एक व्यक्ति का निधन नहीं, बल्कि एक विचारधारा, एक संगठन शक्ति और एक बड़े सामाजिक स्वप्न का अधूरा रह जाना है।
उन्होंने समाज को जोड़ा, संस्कृति को सशक्त किया और सेवा को अपना धर्म बनाया।
उनकी स्मृतियाँ, उनका अधूरा अस्पताल का सपना और उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे तथा शोक संतप्त परिवार और समस्त राजस्थानी समाज को इस असीम दुःख को सहने की शक्ति दे।
ॐ शांति



