
: सूरत। वैश्विक स्तर पर चल रहे खाड़ी क्षेत्र के तनाव और युद्ध जैसे हालात का असर अब सूरत के कपड़ा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। बाजार में पहले से ही मंदी और कम ग्राहकी के बीच डाइंग और प्रिंटिंग मिलों द्वारा भाव बढ़ाए जाने से कपड़ा व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है।
मिलेनियम मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन (MMTA) के कमलेश बी. जैन ने सभी कपड़ा व्यापारियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुश्किल समय में व्यापारियों और मिल मालिकों को एक-दूसरे का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बाजार में पहले से ही ग्राहकी कम है और दुकानों में स्टॉक भरा हुआ है, तब मिल मालिकों द्वारा डाइंग और प्रिंटिंग के रेट बढ़ाना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कपड़ा व्यापारी इस उद्योग की “सोने की म…
[17:52, 13/3/2026] rajutated1: खाड़ी युद्ध का असर: सूरत टेक्सटाइल मार्केट पर मंडराता संकट, सामंजस्य की अपील
सूरत। वैश्विक स्तर पर जारी खाड़ी क्षेत्र के तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों का असर अब देश के सबसे बड़े टेक्सटाइल हब सूरत पर भी दिखाई देने लगा है। व्यापार की अनिश्चित परिस्थितियों के बीच टेक्सटाइल युवा ब्रिगेड सूरत के अध्यक्ष ललित शर्मा ने व्यापारियों और मिल मालिकों से आपसी सामंजस्य बनाए रखने की अपील की है।
ललित शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में परिस्थितियां काफी विकट होती नजर आ रही हैं। ऐसे समय में व्यापार को बचाने के साथ-साथ व्यापारिक पारस्परिक संबंधों को भी सुरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोनों पक्षों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की हठधर्मिता या टकराव की स्थिति से बचते हुए संवाद और समझदारी से समाधान निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि व्यापार में मंदी और तेजी दोनों ही स्थायी नहीं होतीं। कठिन समय भी गुजर जाता है और बाजार फिर सामान्य हो जाता है, लेकिन व्यापारियों के बीच बने संबंध लंबे समय तक कायम रहते हैं। इसलिए ऐसे समय में यह ध्यान रखना जरूरी है कि आपसी रिश्ते प्रभावित न हों।
ललित शर्मा के अनुसार, अगर इस दौर में घर्षण या विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसका नुकसान पूरे टेक्सटाइल मार्केट को उठाना पड़ सकता है। इसलिए सभी व्यापारियों, मिल मालिकों और संबंधित पक्षों को धैर्य, संयम और सामंजस्य के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है, ताकि सूरत का टेक्सटाइल व्यापार इस संकट के दौर से सुरक्षित निकल सके।
उन्होंने अंत में कहा कि विषम परिस्थितियां ज्यादा समय तक नहीं रहतीं, लेकिन आपसी विश्वास और संबंध ही व्यापार की असली ताकत होते हैं, जिन्हें हर हाल में बचाए रखना चाहिए।



