
नई दिल्ली। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में उतरने से राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी को हरियाणा राज्यसभा चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई। संघवी चुनाव प्रक्रिया के दौरान पार्टी की रणनीति और समन्वय की जिम्मेदारी संभालेंगे।
हरियाणा से भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर सिंह बौद्ध ने नामांकन दाखिल किया है। ये दोनों सीटें भाजपा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुई हैं। इसके अलावा भाजपा नेता सतीश नांदल ने भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया है, जिससे मुकाबला दिलचस्प हो गया है। दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में होने से चुनाव कड़ा होने की संभावना है।
पूर्व सांसद संजय भाटिया ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में नामांकन दाखिल किया। उन्हें केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का करीबी माना जाता है। भाटिया लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय रहे हैं और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे हैं। वे पहले भाजपा के राज्य महासचिव भी रह चुके हैं।
संजय भाटिया संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति, सांसदों के वेतन-भत्तों की संयुक्त समिति और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य भी रह चुके हैं।
वहीं कांग्रेस ने दलित वोट बैंक को मजबूत करने के लिए पहली बार कर्मवीर सिंह बौद्ध को उम्मीदवार बनाया है। बौद्ध हरियाणा सिविल सचिवालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 सदस्य हैं और राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए किसी उम्मीदवार को कम से कम 31 वोट की आवश्यकता होती है। ऐसे में इस बार का चुनाव काफी रोचक माना जा रहा है।




