
सूरत। वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) द्वारा आयोजित ‘वंदे मातरम तटीय साइक्लोथॉन-2026’ का वेसु में भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर नायब मुख्यमंत्री हर्षभाई संघवी की प्रेरक उपस्थिति रही। कार्यक्रम में 65 महिला जवानों सहित कुल 130 CISF जवान भाग ले रहे हैं, जो दरियाई सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का संदेश देशभर में फैला रहे हैं।

नायब मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि CISF के जवान देश की सुरक्षा के सच्चे प्रहरी हैं। उनकी निष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण सराहनीय है। उन्होंने बताया कि इस साइक्लोथॉन की खासियत यह है कि इसमें 50 प्रतिशत से अधिक महिला जवान शामिल हैं, जो नारी शक्ति का सशक्त प्रतीक है और ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों को नई प्रेरणा दे रही है।
उन्होंने कहा कि CISF देश के 70 से अधिक महत्वपूर्ण एयरपोर्ट, बंदरगाहों और राष्ट्रीय महत्व की औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एयरपोर्ट पर तैनात जवानों के लिए रिश्ते-नाते से ऊपर देश की सुरक्षा सर्वोपरि होती है, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है।
यह साइक्लोथॉन ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ थीम के तहत दरियाई सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक जागरूकता का संदेश दे रही है। जवान गांव-गांव जाकर स्वच्छता अभियान में सहयोग कर रहे हैं और युवाओं को सुरक्षा बलों में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
25 दिवसीय यह साइक्लोथॉन गुजरात के कच्छ स्थित लिखपत से शुरू होकर 3,552 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए 22 फरवरी 2026 को केरल के कोचीन पहुंचेगी। 9 फरवरी को पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलौत वेसु से दमन किले तक साइक्लोथॉन को रवाना करेंगे। कार्यक्रम में जिला प्रशासन, CISF अधिकारियों और शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित




