
सूरत .शहर में हीरा, शिक्षा, रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र से जुड़े नामी गजेरा ग्रुप पर आयकर विभाग द्वारा की गई छह दिन तक चली जांच आज पूरी हो गई। आयकर विभाग की डी.डी.आई. (DDI) विंग ने ग्रुप के सभी ठिकानों पर सघन छापेमारी की, जिसमें बड़ी संख्या में दस्तावेज, लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य अहम कागजात जब्त किए गए हैं।
हालांकि, छह दिन की इस जांच में कितनी काली कमाई और कर चोरी का खुलासा हुआ है, इस पर आयकर विभाग ने देर शाम तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जब्त किए गए दस्तावेजों की गहन जांच के बाद ही कर चोरी की वास्तविक राशि सार्वजनिक की जाएगी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि छापेमारी के दौरान वसंत गजेरा के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) ने आयकर अधिकारियों को पर्याप्त सहयोग नहीं दिया। इस बात की गंभीरता से नोटिंग की गई है और आने वाले दिनों में संबंधित सीए के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग द्वारा सीए एसोसिएशन को नोटिस भेजकर उनका लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश भी की जा सकती है।
जांच के दौरान गजेरा ग्रुप और महाकाल ग्रुप से जुड़े कई वित्तीय लेन-देन सामने आए हैं, जिनमें हवालाकांड और टैक्स चोरी के संकेत मिले हैं। आयकर विभाग अब जब्त दस्तावेजों के आधार पर विस्तृत जांच करेगा, जिसके बाद पूरे मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।




