
वडोदरा। गुजरात रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (GUJRERA) ने एक महत्वपूर्ण आदेश में स्पष्ट किया है कि बिल्डर को अनसोल्ड फ्लैट्स के लिए लाइफटाइम मेंटेनेंस डिपॉजिट देने की आवश्यकता नहीं है। यह एकमुश्त राशि फ्लैट के अंतिम खरीदार से ही वसूली जाएगी, जबकि बिल्डर को केवल उन अविक्रीत यूनिट्स का मासिक मेंटेनेंस देना होगा, ताकि सोसाइटी का नियमित संचालन प्रभावित न हो।
यह फैसला अमितनगर सर्कल के पास स्थित शिवाय रेसिडेंशियल अपार्टमेंट प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद की सुनवाई के दौरान दिया गया। सोसाइटी के उपाध्यक्ष ने दो सेमी-फिनिश्ड और अनसोल्ड फ्लैट्स के लिए चार लाख रुपये के लाइफटाइम मेंटेनेंस डिपॉजिट की मांग की थी। GUJRERA ने सुनवाई के दौरान “रनिंग मेंटेनेंस” और “लाइफटाइम मेंटेनेंस डिपॉजिट” में स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि मासिक संचालन खर्च की जिम्मेदारी बिल्डर की रहेगी, लेकिन एकमुश्त डिपॉजिट भविष्य के खरीदार से ही लिया जाएगा।
मेंटेनेंस कॉर्पस में दस लाख रुपये की कथित कमी को लेकर भी विवाद सामने आया था। बिल्डर ने बताया कि 4.35 लाख रुपये मेंटेनेंस कार्यों पर खर्च किए जा चुके हैं, जबकि 5.65 लाख रुपये कुछ सदस्यों के बकाया हैं। चूंकि सोसाइटी के अध्यक्ष और सचिव ने हैंडओवर एग्रीमेंट में इन बकाया राशियों को स्वीकार किया था, इसलिए GUJRERA ने बिल्डर को यह राशि काटने की अनुमति दी और सोसाइटी को संबंधित सदस्यों से वसूली करने का निर्देश दिया।
निर्माण गुणवत्ता को लेकर की गई शिकायतों पर प्राधिकरण ने बिल्डर को तीन महीने के भीतर बच्चों के प्ले एरिया में उपकरण लगाने और गार्डन में पेवर ब्लॉक बिछाने का आदेश दिया, साथ ही जरूरत पड़ने पर सदस्यों को संपत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। हालांकि, निर्माण गुणवत्ता पर मुआवजे और मेंटेनेंस शॉर्टफॉल की वापसी की सोसाइटी की प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया गया।



