आचार्य विजय यशोवर्मसूरीश्वरजी महाराज के गच्छाधिपति पट्टाभिषेक का भव्य आयोजन

वेसु स्थित श्री ओमकार सूरी आराधना भवन में चार दिवसीय महोत्सव, देशभर से जैन संतों की उपस्थिति
सूरत। वेसु क्षेत्र स्थित श्री ओमकार सूरी आराधना भवन में जैन समाज का एक ऐतिहासिक और भव्य धार्मिक आयोजन होने जा रहा है। पूज्य आचार्यदेव श्रीमद् विजय यशोवर्मसूरीश्वरजी महाराज को गच्छाधिपति पद पर आसीन करने के लिए भव्य पट्टाभिषेक समारोह का आयोजन किया गया है। जैन परंपरा के अनुसार गच्छ के योग्य और पुण्यवान आचार्य को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी जाती है, जिससे पूरे जैन समाज में उत्साह का माहौल है।
इस अवसर पर वेसु में ‘गुरु लब्धि साम्राज्य’ नाम से एक विशाल और आकर्षक धार्मिक नगरी का निर्माण किया गया है। इसका मुख्य आकर्षण 81 फीट व्यास और 36 मीटर ऊँचाई वाला भव्य ‘समवसरण’ है, जिसे विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस तीन गढ़ वाले समवसरण पर श्रद्धालु चढ़कर बैठते हुए लाइव दर्शन का अनुभव कर सकेंगे। साथ ही आधुनिक वीआर तकनीक के माध्यम से समवसरण का विशेष प्रदर्शन भी किया जाएगा।
महोत्सव स्थल पर 5500 वर्गफीट क्षेत्र में एक भव्य आर्ट गैलरी भी बनाई गई है, जिसमें आचार्य के जीवन की झलक और जैन परंपरा में गच्छाधिपति पद के महत्व को आठ अलग-अलग खंडों में दर्शाया गया है।
यह चार दिवसीय महोत्सव 19 फरवरी से 22 फरवरी तक आयोजित होगा। कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें 8 भाषाओं में लिखे गए 108 ग्रंथों का सामूहिक विमोचन किया जाएगा, जो जैन इतिहास में एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है।
इस अवसर पर देश के कई प्रमुख नेता भी अपनी शुभकामनाएँ दे चुके हैं। समारोह में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, सी.आर. पाटिल, हर्ष संघवी और महाराष्ट्र के मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा सहित कई सांसद और विधायक उपस्थित रहेंगे।
सूरत में पहली बार आयोजित हो रहे इस आयोजन में लगभग 36 आचार्य, 3 गच्छाधिपति और 1000 से अधिक साधु-साध्वी भगवंतों की पावन उपस्थिति रहेगी। श्री लब्धि-विक्रम जनसेवा ट्रस्ट और समस्त सूरत जैन संघ के सहयोग से इस आयोजन की तैयारियाँ पिछले 15 दिनों से जोरों पर चल रही हैं। महोत्सव के दौरान गुरु भक्ति के साथ जीवदया, अनुकंपा और साधर्मिक सेवा के कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।




