श्री जड़खोर गोधाम गौशाला के सेवार्थ,12 से 18 जनवरी तक श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ
वीआईपी रोड वेसू स्थित कामधेनु मैदान में होगा सात दिवसीय आयोजन

स्वामी डॉ.राजेन्द्र प्रसाद देवाचार्य के मुखारविंद कथा वाचन
सूरत।श्री जड़खोर गोधाम गौशाला के सेवित गोवंश के संरक्षण एवं सेवा के उद्देश्य से आगामी 12 से 18 जनवरी 2026 तक सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन श्री कामधेनु मैदान, क्रोमा के सामने, नेक्सा शोरूम के पास, वीआईपी रोड, वेसू, सूरत में प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से शाम 7:00 बजे तक आयोजित होगा।
कथा के संदर्भ में आयोजित पत्रकार परिषद में श्री जड़खोर गोधाम गौशाला समिति, सूरत के प्रमुख कैलाश अग्रवाल ने बताया कि व्यासपीठ से अनंत श्री विभूषित, श्रीमज्जगतगुरु, चार्य अग्रपीठाधीश्वर एवं मलूक पीठाधीश्वर, परम पूज्य स्वामी डॉ. श्री राजेंद्रदास देवाचार्य जी महाराज (श्री रैवासा–वृंदावन धाम) श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य ज्ञान प्रदान करेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 से निरंतर स्वामीजी की कथा का आयोजन किया जा रहा है और इस वर्ष यह 11वां श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ है।
कैलाश अग्रवाल ने जानकारी दी कि ब्रज चौरासी कोस क्षेत्र में स्थित श्री जड़खोर गोधाम गौशाला में वर्तमान में लगभग 10,000 गोवंश की सेवा की जा रही है, जिनमें से केवल 400 गौमाता दुग्ध देती हैं, जबकि शेष गोवंश असहाय, बीमार अथवा बछड़े हैं।
गौशाला के संचालन पर प्रति माह करीब ढाई करोड़ रुपये तथा वार्षिक लगभग 30 करोड़ रुपये का व्यय होता है। इसके बावजूद ब्रज क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में गोवंश निराश्रित अवस्था में हैं, जिन्हें गौशाला में सेवित करने की योजना है।
इस अवसर पर राकेश कंसल ने कहा कि कलियुग में गोवंश की रक्षा प्रत्येक सनातनी का कर्तव्य है। वहीं मीडिया प्रभारी सज्जन महर्षि एवं कथा संयोजक प्रमोद कंसल ने बताया कि कथा श्रवण हेतु महाराज श्री के शिष्य देश-विदेश से सूरत पधारेंगे, जिनके आवास व भोजन की समस्त व्यवस्थाएं कंसल परिवार द्वारा की जाएंगी।पत्रकार परिषद में
अनिल अग्रवाल (रचना ग्रुप), कमल जैन, आनंद खेतान, शशिभूषण जैन, मनीष पटेल, बालकिशन अग्रवाल, संदीप पोद्दार, घनश्याम सेवग, योगेन्द्र शर्मा, विक्रम शेखावत, दिनेश शर्मा, धर्मेशभाई (जीवनलीला परिवार), महेश शर्मा, विश्वनाथ पचेरिया, अरुण पाटोदिया सहित शहर के गणमान्य नागरिकों एवं बड़ी संख्या में गोभक्त उपस्थित रहे।




