जोधपुर में 3 दिवसीय माहेश्वरी महाकुंभ MGC-2026 सम्पन्न
“जोधपुर बुलाया, सूरत आया” और “मिर्ची बड़ा और ढोकला का मिलन”

पहले राष्ट्र, फिर समाज और परिवार की सेवा का लिया संकल्प
जूठा नहीं छोड़ने व पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, सूरत बना आकर्षण का केंद्र
माहेश्वरी समाज की एकता, स्नेह, संस्कार और व्यापारिक उत्साह का भव्य और ऐतिहासिक संगम अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के तत्वावधान में 9 से 11 जनवरी 2026 तक जोधपुर स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज मैदान (मारवाड़ कन्वेंशन सेंटर) में देखने को मिला।इस विराट आयोजन को महाकुंभ कहना किसी भी रूप में अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि तीन दिवसीय इस आयोजन में देश-विदेश से 50 हजार से अधिक माहेश्वरी समाजबंधु एकत्र हुए।
सूरत की सशक्त उपस्थिति बनी चर्चा का विषय
मीडिया प्रभारी सुनील माहेश्वरी ने बताया कि एक समान ड्रेस कोड, हाथों में तख्तियां लिए
“जोधपुर बुलाया, सूरत आया” और “मिर्ची बड़ा और ढोकला का मिलन” जैसे आकर्षक बैनरों के साथ सूरत से पहुंचे सैकड़ों माहेश्वरी बंधुओं ने पूरे महाकुंभ में सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। सूरत की यह उत्साहपूर्ण और अनुशासित उपस्थिति जोधपुर के प्रमुख समाचार पत्रों की सुर्खियों में छाई रही।
राष्ट्रीय नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
सूरत जिला माहेश्वरी सभा के अध्यक्ष पवन बजाज ने बताया कि अमित शाह, भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री ने 10 जनवरी को अपने उद्बोधन में माहेश्वरी समाज को “जॉब क्रिएटर” बताते हुए मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि यह समाज सदियों से देश को केवल देता आया है—चाहे राम मंदिर आंदोलन, आत्मनिर्भर भारत या व्यापार-उद्योग में अग्रणी भूमिका हो। श्री शाह ने स्वदेशी और स्वभाषा अपनाने का आह्वान भी किया।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्वयं को समाज का बेटा बताते हुए माननीय प्रधानमंत्री का विशेष शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया।
इस अवसर पर ओम बिड़ला, भजनलाल शर्मा, पूर्व मारवाड़ नरेश गजसिंह, विख्यात उद्योगपति राजश्री बिड़ला, सभापति संदीप काबरा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने मंच को ओजस्वी बनाया।
संगठन, संस्कार और स्टार्टअप का संगम
सूरत जिला माहेश्वरी सभा के सचिव अतीन बाहेती ने कहा कि ऐसे वैश्विक आयोजन समाज और देश—दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। सूरत से इतनी बड़ी संख्या में समाजबंधुओं का जोधपुर पहुंचना यह दर्शाता है कि सूरत का माहेश्वरी समाज कितना संगठित, जागरूक और समर्पित है।महाकुंभ में 12 ज्योतिर्लिंगों के नाम पर बनाए गए 12 भव्य डोम, सैकड़ों स्टॉल, स्टार्टअप इंडिया आधारित त्रिसर्ग सत्र, हजारों युवा उद्यमियों की प्रस्तुतियाँ और भव्य बिजनेस एक्सपो ने नवाचार और व्यापार को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया।
अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का अनुकरणीय संदेश
मीडिया प्रभारी जगदीश कोठारी ने बताया कि इस महाकुंभ की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि 9 समय के भोजन प्रसादी के दौरान किसी भी समाजबंधु ने जरा-सा भी झुठा नहीं छोड़ा। यह अनुशासन और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त उदाहरण रहा।
उन्होंने बताया कि सूरत टीम संयोजक महेश खटोड़, दीपक काबरा एवं उनकी पूरी टीम ने यात्रा, आवास और समस्त व्यवस्थाओं को अत्यंत सुचारू रूप से संभाला।यह महाकुंभ प्रत्येक माहेश्वरी बंधु के हृदय में अमिट स्मृतियाँ, नई प्रेरणा और सामाजिक चेतना छोड़ गया, साथ ही अगले माहेश्वरी महाकुंभ में पुनः मिलने का संकल्प भी दिला गया।




