आत्मिक प्रसन्नता व शुभ संकल्पों के साथ करें नए वर्ष में प्रवेश — प्रो. साध्वी मंगलप्रज्ञाजी
नववर्ष मंगलपाठ एवं उद्बोधन

सूरत।नूतन वर्ष 2026 के शुभारंभ के अवसर पर आशीर्वाद पैलेस में एक भव्य आध्यात्मिक आयोजन संपन्न हुआ। युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमण जी की सुशिष्या प्रोफेसर डॉ. साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी के पावन सान्निध्य में विशाल परिषद को जैन प्रभावक बीज मंत्रों के साथ वृहद् मंगलपाठ का श्रवण कराया गया।
इस अवसर पर मंगल उद्बोधन प्रदान करते हुए साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी ने कहा कि नए वर्ष में सभी को आध्यात्मिक शुभ संकल्पों के साथ प्रवेश करना चाहिए। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, परंतु हर परिस्थिति में साम्यभाव बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पवित्रता, निर्मलता, जागरूकता और सकारात्मकता का निरंतर विकास ही सच्चा नववर्ष संकल्प है।
साध्वीश्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन आसान नहीं है, किंतु कुछ बातों को नजरअंदाज कर और सही दृष्टिकोण अपनाकर उसे आसान बनाया जा सकता है। फल की कामना किए बिना पुरुषार्थ का दीप सदा प्रज्वलित रखें तथा पारस्परिक सहयोग के लिए सदैव अपने हाथ आगे बढ़ाएं।
उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा— “समझदार वही है, जो ईंट का जवाब पत्थर से नहीं देता, बल्कि फेंकी गई ईंट से भी अपना आशियाना बना लेता है।” आचार्य श्री महाश्रमण जी की अनुशासना में रहकर सभी संघ की तेजस्विता के लिए अपने श्रम, शक्ति और समय का समुचित नियोजन करें।
कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीवृंद के मंगलाचरण से हुआ। आशीर्वाद पैलेस की ओर से श्री अनिल जैन ने उपस्थित जनसमूह को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया। साध्वीवृंद द्वारा आध्यात्मिक मंगलभावों के साथ संगान किया गया, वहीं युवती बहनों ने नववर्ष की शुभकामनाओं के साथ सामूहिक स्वर प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर प्रोफेसर समणी कुसुमप्रज्ञाजी ने कहा कि सूरतवासियों का सौभाग्य है कि उन्हें विशिष्ट साध्वी मंगलप्रज्ञाजी का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है, जिन्होंने विकास और आध्यात्मिक चेतना पर अनेक महत्वपूर्ण आलेख लिखकर इतिहास रचा है। उत्तर में साध्वी मंगलप्रज्ञाजी ने समणी कुसुमप्रज्ञाजी को संघ की विशिष्ट समणी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में श्री संजयजी सुराणा एवं सभा अध्यक्ष श्री हजारीमलजी भोगर ने अपने अंतर्भाव व्यक्त किए।
रात्रिकाल में भिक्षु भक्ति संध्या का भी भव्य आयोजन हुआ, जिसमें श्रावक-श्राविकाओं ने तप, जप और शुभ संकल्पों के साथ नववर्ष का स्वागत किया।
इस अवसर पर श्रीमती सुनीता जैन ने कहा कि आशीर्वाद पैलेस को प्रबुद्ध साध्वी श्री मंगलप्रज्ञाजी के प्रवास का सौभाग्य प्राप्त हुआ है और उनके मंगल सान्निध्य से अधिक से अधिक आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करना चाहिए।




